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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी दौरे से पहले पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से बड़ा झटका मिला है । अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर लेता है तबतक अमेरिका की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद सस्पेंड ही रहेगी ।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को दी जाने वाली हर सुरक्षा सहायता को रोक दिया था । ट्रंप प्रशासन काल के दौरान यह किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पहला उच्चस्तरीय दौरा होगा । अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पाकिस्तान अभी भी आतंकी संगठनों के लिए जन्नत की तरह ही है, पाकिस्तानी सरकार लगातार इनको समर्थन करती रही है । इसी की वजह से पाकिस्तान का पड़ोसियों के साथ झगड़ा भी रहता है ।'

सीआरएस की हालिया रिपोर्ट में सांसदों को बताया गया कि 2011 में खुलासा हुआ था कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन कई वर्षों तक पाकिस्तान की शरण में रहा, जिससे अमेरिकी सरकार को द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा करनी पड़ी ।

सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र एवं द्विपक्षीय शोध शाखा है जो सांसदों के हित के मुद्दों पर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करती है ताकि वे सूचना के आधार पर निर्णय कर सकें । इसकी रिपोर्ट क्षेत्र के विशेषज्ञ तैयार करते हैं और इसे कांग्रेस का आधिकारिक विचार नहीं माना जाता है ।

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