Headline • आगरा को हॉकी के विश्व पटल पर मिलेगी नई पहचान:  चेतन चौहान• योगी पहुंचे गोरखपुर, कई योजनाओं को किया लोकार्पण व शिलान्यास, बांटे प्रमाण पत्र• चुड़ैल समझ कर महिला की हत्या कर दी, अपराध छुपाने के लिए लाश को जंगलों में फेंका• फर्रुखाबाद: सड़क दुर्घटना नहीं हत्या कर लाश फेंकी गई थी, पत्नी ने प्रेमी संग दी पति और भतीजे की हत्या की सुपारी• कायमगंज में अंबेडकर प्रतिमा का हाथ तोड़कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, बसपा नेता ने स्थिति संभाली• नवरात्र पर प्रशासन चलाएगा शौचालय की पूजा का कार्यक्रम, कई संगठनों ने किया विरोध का ऐलान• मोहर्रम बवाल पर बीजेपी विधायक पप्पू भरतौल समेत 150 पर केस, 750 ताजिएदारों पर भी केस• अध्यादेश के बाद राजधानी में आया तीन तलाक का मामला, दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर दिया तलाक• राजधानी में बदमाशों के हौसले बुलंदी पर, अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य रुमाना सिद्दीकी के बेटे को बुरी तरह पीटा• 'थोड़ी सी महंगाई बढ़ने पर सुषमा स्वराज बाल खोलकर सड़क पर उतर जाती थी, अब क्यों चुप है'• ओलांद के बयान के बाद राहुल गांधी का वार, बंद दरवाजे निजी तौर पर मोदी ने डील करवाई है• दो दिवसीय दौरे पर अगले हफ्ते फिर अमेठी आ रहे हैं राहुल गांधी, योजनाओं के लेकर मंत्रियों को लिखा खत• अवैध शराब बनाते बसपा के पूर्व विधायक गिरफ्तार, बंद पड़े स्कूल में चला रहे थे कारोबार• हापुड़ में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान युवक नहर में डूबा, गोताखोर तलाश करने में जुटे• नील नितिन मुकेश के घर आई एक नन्ही परी• जानें राजनीति में आने के सवाल पर राहुल द्रविड़ ने क्या जवाब दिया• विवादों के बाद सन्नी देओल की फिल्म मोहल्ला अस्सी रिलीज को तैयार, फर्स्ट लुक जारी• कातिल सौतन! पूर्व पति की शादी को नहीं कर पाई बर्दाश्त, कराया जानलेवा हमला, महिला की मौत• अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलीं पूर्व मेयर, कहा-समय पर लिया होता फैसला तो नहीं देखने पड़ते ये दिन• तारीख से लौट रहे दामाद को अगवा कर ससुरालियों ने की जमकर पिटाई, पुलिस ने बचाई जान• 80 मौत के बाद जागीं मंत्री अनुपमा, अस्पताल का लिया जायजा, कैमरों के साथ पहुंचीं मृतकों के घर• भारत ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला, चोटिल पांड्या की जगह रविंद्र जाडेजा को मौका• बीच बचाव करने गए बुजुर्ग पर ही टूट पड़े, चौकी इंचार्ज ने जान पर खेलकर बचाई जान• कर्बला की ओर बढ़ते हर कदम के साथ हुसैन की कुर्बानी का दर्द और यजीद के खिलाफ गुस्सा दिखा • करीना कपूर ने फैमिली के साथ सेलिब्रेट किया अपना जन्मदिन, तस्वीरें आई सामने


अल्मोड़ाः उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध जन कवि गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’ की आठवीं पुण्यतिथि पर सांस्कृतिक नगरी अल्मोडा में साहित्यकार, रंगकर्मी, व कवियों ने उनके लिखे गीत हुडके की थाप पर गाकर उन्हे याद किया। रंगकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

गिर्दा का जन्म 9 सितंबर, 1945 को अल्मोड़ा के ज्योली हवालबाग गांव में हंसादत्त तिवाड़ी और जीवंती तिवाड़ी के घर हुआ था। गिर्दा मूलतः कुमाउंनी तथा हिन्दी के कवि हैं, लेकिन उन्होंने लोक पंरपराओं के साथ चलते हुए लोक संस्कृति के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनायी।

वह आजीवन जन संघर्षों से जुड़े रहे और अपनी कविताओं में जन पीड़ा को सशक्त अभिव्यक्ति दी।  गिर्दा ने ‘अन्धायुग’, ‘अंधेरी नगरी’, ‘थैंक्यू मिस्टर ग्लाड’, ‘भारत दुर्दशा’ ‘नगाड़े खामोश हैं’ तथा ‘धनुष यज्ञ’ नाटकों का लेखन किया।

गिर्दा को याद करते हुए आन्दोलनकारी पी.सी तिवारी पे कहा कि गिर्दा ने ताउम्र संघर्ष किया। उन्हीं संघर्षों को वे अपने जनगीतों में समाहित करते थे। गर्दा दमन , शोषण, अत्याचार के खिलाफ लड़ते रहे।

वे हमेशा गरीब, किसान, आम लोगों की विचारधारा का प्रतिनिधित्व किया करते थे। उनके गाए जनगीत सड़क पर चलने वाले आम लोगों के संघर्ष के लिए आज प्रासांगिक हैं।

वरिष्ठ पत्रकार व रंगकर्मी नवीन बिष्ट कहते हैं कि गिर्दा जिस अंदाज में सड़क पर चलने वाले आम आदमी के संघर्ष और उसकी पीड़ा को अपने गीतों के माध्यम से स्वर देकर गाते थे। आज हम भी उन्हें उन्हीं के अंदाज में याद कर रहे हैं, वह कहते हैं गिर्दा कभी बड़ी बड़ी गोष्ठियों में बैठकर समाज की पीड़ा पर चिंतन नहीं करते थे बल्कि सड़क पर ही जनगीत ही व आम लोगों के बीच ही जनगीतों के माध्यम से उनके दर्द को उठाते थे।

संबंधित समाचार

फ़टाफ़ट खबरे

 

live-tv-uttrakhand

live-tv-rajasthan

ब्लॉग

लीडर

  • उमेश कुमार

    एडिटर-इन-चीफ,समाचार प्लस

    उमेश कुमार समाचार प्लस के एडिटर इन चीफ हैं।

  • प्रवीण साहनी

    एक्जक्यूटिव एडिटर

    प्रवीण साहनी पत्रकारिता जगत का जाना-माना नाम और चेहर...

आपका शहर आपकी खबर

वीडियो

हमारे एंकर्स

शो

:
:
: