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 पहले होगी जांच, फिर मिलेगा दोनों बहनों को ‘सम्मान’- हरियाणा सरकार

रोहतक जिले की दो बहनों को  मिलने वाले सम्मान पर हरियाणा सरकार ने रोक लगा दी है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने यह फैसला तीनों लड़कों के परिजनों से मिलने के बाद लिया है। हरियाणा के सीएम का कहना है कि पहले दोनों बहनों के सामने आए सभी विडियो की जांच की जाएगी। फिर आगे कोई फैसला लिया जाएगा।

बता दें कि आरोपी लड़कों के परिजनों ने सीएम से गुहार लगाई थी कि वह कोई भी कदम जांच के बाद ही उठाएं, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके अलावा सरकार ने उस बस के कंडक्टर और ड्राइवर को भी बहाल कर दिया है, जिसमें यह घटना हुई थी।

हरियाणा सरकार ने इन्हें गणतंत्र दिवस पर सम्मान देने की घोषणा की थी। तीन युवकों को बेल्ट से पीटकर सुर्खियों में आई दोनों सगी बहनों को राज्य महिला आयोग की वाइस चैयरमैन सुमन दहिया सम्मानित कर चुकी हैं।

बस में सवार लोगों ने बताया कि ममाला छेड़खानी का नहीं था, बल्कि सीट को लेकर लड़ाई हुई थी। लड़कों ने दोनों बहनों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की और ना हाथ उठाया था।

छत्तीसगढ़- शहीदों का अपमान, वर्दियां अस्पताल के कचरे में पड़ी मिली

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों का रायपुर के अस्पताल में अपमान किया जा रहा है। शहीद जवानों की वर्दियां अस्पताल के कचरे के ढेर में फेंक दी गई हैं। इस घटना के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे शहीदों का अपमान बताया है।

राज्य के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सोमवार को नक्सली मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 14 जवान शहीद हो गए थे और 15 जवान घायल हुए थे। घटना के बाद जवानों के शवों और घायलों को रायपुर रवाना किया गया और शवों का यहां के डॉक्टर भीम राव अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शहीद जवानों की वर्दियों को अस्पताल के किनारे कचरे के ढेर में फेंक दिया गया।

जब इस मामले का खुलासा हुआ, तब रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय अस्पताल पहुंच गए और वर्दियों को एकत्र कर कांग्रेस भवन ले आए। बाद में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों ने वर्दियों को अपने कब्जे में लिया।

इस घटना को कांग्रेस ने शहीदों का अपमान बताया और कहा कि शहीदों का अपमान करने वाली सरकार को एक पल भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।

साध्वी निरंजन के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज, इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान के बाद राजनैतिक माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है। बुधवार को साध्वी के  खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। तो दूसरी ओर विपक्षी पार्टियां उनका इस्तीफा लेने की मांग कर रहा है।

पश्चिम दिल्ली के रहने वाले वकील राजीव कुमार भोला ने बुधवार शाम तिलक नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमें एक शिकायत मिली है, लेकिन यह प्राथमिकी में बदले जाने के योग्य है या नहीं इसकी जांच करनी होगी’। शिकायत दर्ज कराने वाले वकील ने पुलिस से केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 (ए), 295 और 500 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।‘

भोला ने कहा, हमारे नेता सार्वजनिक तौर पर बहुत ज्यादा अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और इस तरह के बयानों पर उनके नेतृत्व का कोई नियंत्रण नहीं है. इन चीजों से जनभावनाओं को ठेस पहुंचती है. मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.’

वहीं कानपुर में भी साध्वी निरंजन ज्योति के खिलाफ समाजवादी पार्टी के एक स्थानीय नेता ने मुकदमा दर्ज करने के लिये कोतवाली पुलिस स्टेशन में प्रार्थना पत्र दिया है। नगर पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चैधरी ने बताया कि बुधवार शाम सपा नेता हसन रूमी ने साध्वी निरंजन ज्योति के खिलाफ कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाये, क्योंकि उनके बयान से समाज के एक वर्ग की भावनायें आहत हुई है और इससे समाज के लोगों को दुख हुआ है।

केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ने दिल्ली में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी और अपशब्द का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद संसद में उनके बयान पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया था।  लेकिन बाद में साध्वी ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांग ली थी।

साध्वी के बयान पर बोले पीएम मोदी, कहां माफी मांग ली है तो मंत्री को माफ करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के विवादित बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ दी। पीएम ने  राज्यसभा में कहा कि मंत्री जी ने क्षमा मांग ली है और अब उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, ‘साध्वी निरंजन ज्योति नई हैं और मैं मंत्री जी के बैकग्राउंड को अच्छे से जानता हूं। मंत्री जी ने क्षमा मांग ली है, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि उन्हें माफ कर दिया जाए। लेकिन यह बयान संवेदनशील है। हम सब के लिए एक संदेश भी है कि हम अपनी मर्यादा न तोड़ें। आग्रह करूंगा कि सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए. विवाद में ना पड़ें और देशहित में काम करें।’

छत्तीसगढ़ नक्सली हमला- जवानों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शहीद हुए जवानों के परिजनों को केंद्र सरकार ने 38-38 लाख रुपए तथा घायलों को 65-65 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता देने की घोषणा की है।
सोमवार को नक्सलियों ने सुकमा जिले में तैनात सीआरपीएफ जवानों पर हमला कर दिया था। इस हमले में सीआरपीए के 14 जवान षहीद हो गए थे, जबकि 15 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे।
कल केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रायपुर के माना स्थित सेनानी चैथी वाहिनी के मुख्यालय में सुकमा नक्सली हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी, और घायल जवानों से मुलाकात भी की। सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर इस नक्सल समस्या से लड़ना होगा। तभी इन नक्सलियों के हौंसलों को पस्त किया जा सकता है।

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