Headline • IPL 2019: 'मांकड़िंग' का शिकार हुए जोस बटलर • दिल्ली का नागरिक पाकिस्तानी आईएसआई के संपर्क में• अफगानिस्तान में हवाई हमला 13 लोग की मौत जिसमें 10 बच्चे शामिल• राहुल गांधी का ऐलान सरकार बनी तो गरीबों को देंगे 72 हजार सालाना• बुमराह के कंधे में लगी चोट, बढ़ सकती है मुंबई की मुश्किले• फर्जी हैं अक्षय की फिल्म में दिखाई गई कु़छ चीजें • अमेरिका की पाकिस्तान को चेतावनी भारत पर आतंकी हमला बहुत परेशानी लेकर आएगा• लोकसभा चुनाव 2019 का बीजेपी मिशन• भाजपा छत्तीसगढ़ में मौजूदा सांसदों का टिकट काटेगी• बीजेपी को हराने के लिए हमारे पास एक सामान्य लक्ष्य: प्रियंका गांधी • भगोड़े नीरव मोदी को लंदन पुलिस ने किया गिरफ्तार भारत को थी तलाश • दबाव झेल रहे चीन ने पहली बार माना मुंबई हमले को सबसे कुख्यात आतंकवादी हमला• CRPF के जवानों पर नक्‍सलियों का हमला मुठभेड़ में एक जवान शहीद • गोवा के नए सीएम बने प्रमोद सावंत• टोटल धमाल'की छपर फाड कमाई अभिताभ बच्चन की 'बदला' भी टक्कर में • न्यूजीलैंड की मस्जिदों के हमलावर को कोर्ट में किया पेश • मनोहर पर्रिकर के निधन के कुछ घंटों बाद ही गोवा में सियासी घमासान तेज• भारतीय वनडे टीम से बाहर होने पर आर अश्विन की नाराजगी• इस बार भी वर्ल्‍ड कप से पहले सीरीज हारना क्‍या रहेगा टीम इंडिया के लिए लकी• 17 साल बाद चीन को लगा बड़ा झटका आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर• एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान के साथ साथ भारत के भी कु़छ नेता परेशान: राजनाथ सिंह• कंगना रनौत की नाराजगी पर आमिर खान ने दिया बयान• सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मे क्रिकेटर श्रीसंत को दी राहत • न्यूजीलैंड की मस्जिदों में ताबातोड़ फायरिंग 40 की मौत 27 घायल • UNSC में मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में चीन ने लगाया वीटो

ब्लॉग

  • फिल्म का बहाना, चुनाव पर निशाना ? 

    संजय लीला भंसाली की बहुचर्चित फिल्म 'पद्मावती', बहुचर्चित इसलिए हैं क्योंकि जिस तरह से पिछले काफी वक्त से इस फिल्म को लेकर विवाद छिड़ा है। ये फिल्म रिलीज से पहले ही हिट तो हो ही गई है। कर्णी सेना से लेकर सियासी गलियारों तक में फिल्म का विरोध जोरशोर से

  • क्या होगा उम्मीदों के पिटारे में ?

    2016 का अंत सरकार के दो बड़े आर्थिक फैसलों से हुआ है, पहला नोटबंदी और दूसरा GST। हालांकि इन दोनों फैसलों के प्रभाव से आम जनता पूरी तरह से अनजान है। साल 2017 का बजट दो नए बदलावों का भी गवाह बनेगा...

    1-  रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश

  • ये 'जुगलबंदी' काफी कुछ कहती है.....

    सियासत के गलियारों में कहा जाता है कि यहां कुछ भी स्थायी नहीं होता, ना दोस्ती और ना ही दुश्मनी। यहां तो मुद्दे भी स्थायी नहीं होते, वक्त के साथ उन्हें गढ़ा जाता है और जरूरत के मुताबिक फिर निकाल लिया जाता है। इसकी ताज़ा मिसाल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस

  • ये नकल तो अकल पर चोट है

    उत्तर प्रदेश में...बच्चों को ऐसे नकल करवाई जा रही है परीक्षाओं में...जैसे ये उनका जन्मसिद्ध अधिकार हो...कोई खिड़की से लटककर...कोई छत पर चढ़कर...कोई खेत से भागकर...कोई मैदान में दौड़कर...विद्यार्थियों तक चिट पहुंचा रहा है...

    नकल ने हमेशा से अकल पर ही चोट की है...बावजूद इसके नकल करवाने के लिए...विद्यार्थियों

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