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कॉलेज के चपरासी से कम थी राजनाथ की पेंशन, पढ़ें प्रोफेसर से होम मिनिस्टर तक का सफर

लखनऊ. बीजेपी के दिग्गज नेता और देश के होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह इन दिनों खबरों में बने हुए हैं। यूपी चुनाव में बीजेपी को मिली बड़ी जीत के बाद राजनाथ सिंह का नाम सीएम पद के लिए आ रहा है। हालांकि, उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया है। लेकिन, सीएम की रेस में होम मिनिस्टर का भी नाम चल रहा है। बता दें कि राजनाथ सिंह ने कॉलेज में प्रोफेसर के तौर पर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे राजनीति में आए। इस मौके पर SAMACHAR PLUS.COM आपको बता रहा है प्रोफेसर से होम मिनिस्टर तक कैसा रहा राजनाथ सिंह का सफर।

 

प्रोफेसर के तौर पर 1350 रुपए मिली थी पेंशन

- केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मिर्जापुर के कन्हैया लाल बसंतलाल स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में बच्चों को पढ़ाते थें।

- वे फिजिक्स के प्रोफेसर थे। साल 1971 में मिर्जापुर के कॉलेज में उन्होंने पढ़ाना शुरू किया था। 

- स्टूडेंट्स के साथ-साथ कॉलेज के प्रोफेसरों में भी राजनाथ काफी लोकप्रिय थे।

- उनके बातचीत के अंदाज के सभी कायल थे। इसके अलावा राजनीति की चर्चा से लोगों का दिल जीत लेते थे।

- साल 2000 में राजनाथ सिंह ने कॉलेज से रिटायरमेंट ले लिया था।

- इसके बाद कॉलेज की ओर से 9500 रुपए उनकी पेंशन बनाई गई थी। लेकिन, उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया।

- राजनाथ ने कहा था कि 1992 के बाद से कॉलेज में पढ़ाया ही नहीं है। इसलिए उनकी पेंशन इसी साल से तय की जाए।

- कॉलेज प्रशासन ने फिर से पेंशन की राशि बनाई जो 1350 रुपए हुई। ये रकम कॉलेज के चपरासी के पेंशन से भी कम थी।

 

कॉलेज के समय से ही RSS की शाखा में जाते थे राजनाथ

- राजनाथ सिंह 13 साल की उम्र में ही RSS से जुड़ गए थे। कॉलेज के दिनों में भी यहां से जुड़े रहे।

- माथे पर तिलक और धोती-कुर्ता पहनकर ही वे RSS शाखा पहुंचते थे। ये उनकी खास पहचान थी।

- कॉलेज में भी वे अक्सर इसी ड्रेस में रहते थे। पढ़ाने के बाद वक्त मिलते ही वे शाखा में पहुंच जाते थे।

- संघ की ओर से लगने वाले शिविरों में भी वे हमेशा हिस्सा लेते थे। बातचीत में माहिर राजनाथ की RSS में काफी पैठ बन गई थी।

- राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 को चंदौली जिले के पुत्तुर गांव में हुआ था। वे एक राजपूत फैमिली से आते हैं।

- पूरी तरह से किसान फैमिली में जन्म और पालन-पोषण होने की वजह से वे जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहे।

- राजनाथ सिंह ने गोरखपूर यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में मास्टर की डिग्री ली थी। वे फर्स्ट डिविजन पासआउट हुए थे।  

 

बीजेपी की मातृत्व संस्था भारतीय जन संघ में भी थे राजनाथ

- राजनाथ सिंह भारतीय जनसंघ के भी सदस्य थे। बता दें कि जनसंघ को ही बाद में बदलकर भाजपा किया गया था।

- 1974 में राजनाथ को भारतीय जनसंघ के मिर्जापुर यूनिट का सेक्रेटरी बनाया गया था। 

- इमरजेंसी के दौरान राजनाथ का नाम काफी लोकप्रिय हुआ था। 1975 में उन्हें जनसंघ का डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट बनाया गया था।

- अपातकाल के दौरान वो जेल भी गए थे। उन्होंने कभी किसी चीज से समझौता नहीं किया।

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेल में रहने के दौरान उनके किसी खास रिश्तेदार की मौत हो गई थी।

- इसके बावजूद राजनाथ सिंह ने सरेंडर नहीं किया और जेल में ही रहे। इस घटना से उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई।

- इमरजेंसी खत्म होने पर हुए चुनाव के दौरान 1977 में पहली बार मिर्जापुर से राजनाथ सिंह विधायक बने।

- बीजेपी यूथ विंग के स्टेट प्रेसिडेंट भी 1984 में राजनाथ सिंह को बनाया गया था। फिर, 1986 में राष्ट्रीय महासचिव बने थे।

- 1988 में राजनाथ सिंह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी चुने गए थे। इसके अलावा वो यूपी विधान परिषद के भी सदस्य थे।

 

यूपी के सीएम भी रह चुके हैं राजनाथ

- 1991 में बीजेपी की यूपी में सरकार बनने पर राजनाथ सिंह को एजुकेशन मिनिस्टर बनाया गया था।

- शिक्षा मंत्री बनने के बाद उन्होंने कॉलेज से तनख्वाह लेना बंद कर दिया था।

- बतौर एजुकेशन मिनिस्टर उन्‍होंने एंटी-कॉपिंग एक्‍ट लागू करवाया था।

- इसके अलावा वैदिक गणित को उस समय सिलेबस में शामिल करवाया गया था।

- 1994 से 1999 तक संसद के उच्च सदन राज्यसभा के भी सदस्य राजनाथ सिंह रहें।

- केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने पर 1999 में उन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया।   

- पूर्व पीएम वायपेजी की महत्वाकांक्षी योजना नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत इसी समय हुई थी।

- 20 अक्‍टूबर 2000 में राजनाथ सिंह को यूपी का सीएम बनाया गया। हालांकि, उनका कार्यकाल 2 साल से भी कम रहा था।

- इसके बाद साल 2003 में वाजपेई के मंत्रीमंडल में कृषि मंत्री बनाया गया था। 

- 2004 में एनडीए की हार के बाद राजनाथ सिंह ने बतौर विपक्ष के नेता की भी भूमिका निभाई।

- नितिन गडकरी के इस्तीफे के बाद 2013 में राजनाथ सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।

- 2009 के आम चुनाव के दौरान गाजियाबाद से भी सांसद चुने गए थे। 

- 2014 के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह लखनऊ से जीतकर लोकसभा पहुंचे।

- केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही पार्टी के इस दिग्गज नेता को होम मिनिस्टर बनाया गया।

 

 

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