Headline • इसरो ने रचा इतिहास, मून मिशन चंद्रयान-2 लॅान्च• हिमा दास ने 20 दिन में 5वां गोल्ड जीता, जाबिर ने भी लगायी सुनहरी दौड़• अमेरिका में फिर हुई इमरान खान की फजीयत, भाषण के दौरान इमरान का विरोध • राहुल गाँधी के इस्तीफे के बाद पुणे के इंजीनियर की नजर कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर • यूपी - गरीब छात्रों को नए मेडिकल कालेजों में भी मिलेगा मौका• कर्नाटक : सरकार बचाने के लिए ज्योतिषियों और टोटकों की शरण में JDS नेता • पीसीबी पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता इंजमाम पर करता रहा पैसों की बारिश, पर नहीं सुधरी टीम की हालत• अमेरिका ने हाफिज की पिछली गिरफ्तारियों को बताया 'दिखावा', कहा उसकी आतंकी गतिविधियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा• CM कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू का इस्‍तीफा मंजूर किया• "कांग्रेस को चाहिए ' गांधी ' अध्यक्ष, वर्ना टूट जाएगी पार्टी"• यूपी बोर्ड के छात्रों को मिलेगा धीरूभाई अंबानी स्कॅालरशिप पाने का मौका • छपरा में मवेशी चोरी के आरोप में 3 लोगों की पिट-पिटकर हत्या • ट्रम्प का दावा - अमेरिकी युद्धपोत ने मार गिराया है होरमुज की खाड़ी में ईरानी ड्रोन• कर्नाटक : बीजेपी विधायकों के लिए सदन में ब्रेकफास्ट लेकर पहुंचे कर्नाटक के डेप्युटी सीएम• इमरान खान के अमेरिका दौरे से पहले पाक को झटका, नहीं मिलेगी अमेरिकी सहायता• पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी गिरफ्तार • 90 बीघे जमीन के लिए चली अंधाधुंध गोलियां, बिछ गई लाशें• धौनी के माता-पिता भी चाहते है कि वो अब क्रिकेट से संन्यास ले• चंद्रयान-2 की आयी डेट; 22 जुलाई को होगा लॅान्च • कुलभूषण जाधव केस : 1 रुपये वाले साल्वे ने पाकिस्तान के 20 करोडं रुपये वाले वकील को दी मात • कांग्रेस को नहीं मिल पा रहा नया अध्यक्ष , किसी भी नाम को लेकर सहमति नहीं• पाकिस्तान में मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद गिरफतार • सावन मास के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा• एपल भारत में जल्द शुरू करेगी i-phone की मैन्युफैक्चरिंग, सस्ते हो सकते हैं आईफोन• डोंगरी में इमारत गिरने से अबतक 16 लोगो की मौत, 40 से ज्यादा लोगो के मलबे में दबे होने की आशंका : दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी


उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान में अब कुछ ही दिन बचे हैं । 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश के 15 जीलों की 73 सीटों पर मतदान होना है । मतलब चुनाव अब सर पर है और उत्तर प्रदेश में सियासत का पारा पूरी तरह गर्म है । चुनाव की तारीख नजदीक आते ही सियासी दलों के नुमाइंदों ने भी अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया हैं । कल तक विकास वाली सियासत करने का दावा करने वाले सभी दल उसे भूल गए हैं । बीजेपी एक बार फिर राम मंदिर और तीन तलाक जैसे मुद्दों के साथ अपने हिंदूवादी एजेंडे की तरफ लौट गई है । तो दलितों की राजनीति करने वालीं मायावती खुलेआम मुसलमानों से उनके लिए वोट करने की अपील कर रही हैं । उधर अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी भी मुसलमानों पर अपना हक जताने में लगी है । मतलब साफ है सियासत अब पूरी तरह से वोटों के ध्रुवीकरण के लिए की जा रही है । बीजेपी की तरफ से नेताओं का एक बड़ा तब्का हिंदुत्व वाली बयानबाजी कर रहा है । तो समाजवादी पार्टी की तरफ से ये जिम्मेदारी पार्टी का मुस्लिम चेहरा आजम खान को सौंपी गई है ।

मुस्लिम वोटों पर है नजर

एक वीडियों के जरिये मायावती अल्पसंख्यक समाज के लोगों को अपना वोट खराब ना करने की सलाह दे रही हैं । तो आजम खान मायावती के 10 साल पुराने एक बयान को खूब उछाल रहे हैं । मतलब सारी लड़ाई अब मुस्लिम वोटों के लिए की जा रही हैं । और हो भी क्यों ना ? उत्तर प्रदेश में कुल 20 फीसदी मुस्लिम वोट हैं । और इस बार ये मुस्लिम वोट किस तरफ जाएंगे, इस पर हर पार्टी की नजर है. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी यादव मुस्लिम समीकरण को सत्ता की चाभी मानती है । तो मायावती दलित-मुस्लिम वोटों के बल पर दोबारा यूपी की गद्दी पाने की जुगत में लगी हुई हैं ।



यूपी में क्यों अहम हैं मुस्लिम ?

सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर चुनाव आते ही मुस्लमान इतने अहम क्यों हो जाते हैं । दरअसल उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं । जिनमें से 143 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम मतदाता ज्यादा हैं. 2012 में इन 143 सीटों में से 72 सीटें समाजवादी पार्टी को मिली थीं । जबकि बीएसपी को 26, बीजेपी को 26 और कांग्रेस-आरएलडी गठबंधन को सिर्फ 14 सीटें मिली थीं । यानी सबसे ज्यादा सीटे समाजवादी पार्टी को मिली जबकि बीजेपी औप बीएसपी को 26 सीटों से संतोष करना पड़ा । और ये ही एक बड़ी वजह समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की है । और इसी वजह से मायावती का भी डर बढ़ गया है । मायावती को लगता है कि कहीं इस बार सारा मुस्लिम वोट एसपी और कांग्रेस के इस गठबंधन की तरफ ना ट्रांस्फर हो जाए । इसीलिए मायावती अपनी हर रैली में खास तौर से मुस्लिम मतदाताओं से वोट देने की अपीलकरना नहीं भूलतीं हैं । इसीलिए मायावती ने 97 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट भी दिया है ।



बयानों के जरिये ध्रुवीकरण की कोशिश

एक तरफ समाजवादी पार्टी और मायावती मुसलमानों का रुख अपनी तरफ करने में लगी है । तो बीजेपी अपने पुराने हिन्दुत्व के एजेंडे की तरफ लौट रही है । जिसके पीछे सोच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की है । हालांकि इसकी नींव अमित शाह ने बीजेपी के घोषणा पत्र जारी करते वक्त ही रख दी थी । शाह का पहला दांव था बाबरी विवादित ढांचा, दूसरा दांव था स्लॉटर हाउसों पर पाबंदी और तीसरा दांव था पलायन । ये तीनों वो ही मुद्दे हैं जिनके जरिये बीजेपी वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश करती रही है । अमित शाह का यूपी में मशीनि स्लॉटर हाउस बंद करने वाला बयान अपने कोर वोटर को एक संदेश था । असल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त भी यूपी के प्रभारी महासचिव थे । उस वक्त भी बीजेपी ने विकास के एजेंडे के साथ-साथ हिंदुत्व के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था । कोशिश थी वोटों का ध्रुवीकरण । जिसमें बीजेपी कामयाब भी रही थी । एक बार फिर अमित शाह यूपी विधानसभा चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण कर राज्य में बीजेपी की जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं ।

मतलब साफ है , उत्तर प्रदेश की सियासत के इस महा समर में सियासत का हर नुमाइंदा शह और मात के खेल में लगा है । कोई मुसलमानों को साधने में लगा है, तो कोई दलितों और स्वर्णों को । सियासत की इस बिसात पर शह और मात का खेल जारी है , जिसका फैसला आगामी 11 मार्च को सामने आ जाएगा ।



अमान अहमद

प्रोड्यूसर

समाचार प्लस

 

इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं । इनसे samacharplus.com का कोई लेना देना नहीं है ।

संबंधित समाचार

:
:
: