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इलाहाबाद. साल के पहले चंद्रग्रहण का सूतक शुरू होते ही संगम के शहर इलाहाबाद में सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे बंद किये गए कपाटों का अब रात में पौने नौ बजे चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद ही खोला जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर पूजा -अर्चना व भगवान के दर्शन पर भले ही रोक लग गई हो, लेकिन मंदिरों के बाहर सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ वैदिक मंत्रों का जाप कर साधना व आराधना में लगी हुई है।

-चंद्रग्रहण के चलते सुबह आठ बजकर 42 मिनट से सूतक काल लग गया है। चंद्रग्रहण लगने के ठीक नौ घण्टे पहले ही सूतक काल लग जाता है। जिसके बाद मंदिरों के कपाट पूजा अर्चना के लिए बंद कर दिए गए हैं। 

-सूतक काल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में स्नान कर दान पुण्य कर रहे हैं। इसके साथ ही संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर में कपाट बन्द होने के बावजूद श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर के बाहर ही पूजा अर्चना कर रहे हैं। 

-चंद्रगहण शाम पांच बजकर 45 मिनट से शुरु होकर शाम आठ बजकर 42 मिनट तक रहेगा। चंद्रग्रहण की कुल अवधि तीन घण्टे सात मिनट की रहेगी। 

-ऐसी मान्यता है कि चंद्रग्रहण के दौरान भगवान कष्ट में रहते हैं। इसलिए मंदिरों में पूजा अर्चना नहीं होती है। लेकिन इस दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान कर विशेष तप और जप करते हैं। जिससे उन पर चन्द्र ग्रहण का कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 

-योग गुरु आनन्द गिरी के मुताबिक चन्द्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है कि जिसके फस्वरुप मनुष्य का संयम टूटता है और क्रोध भी बढ़ता है। इसलिए चन्द्र ग्रहण के दौरान लोगों को भगवान शंकर और चन्द्रमा की आराधना करनी चाहिए है। 

 

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