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यूपी: गोरखपुर में इंसेफ्लाइटिस से 24 घंटों में चार और मरीजों ने दम तोड़ा

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश पूर्वांचल में हर साल इंसेफ्लाइटिस से सौकड़ों मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है और यह सिलसिला पिछले कई साल से चलता आ रहा है, लेकिन इस पर अब तक अंकुश नहीं लग पा रहा है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इंसेफ्लाइटिस से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। 24 घंटे के दौरान चार और मरीजों ने कॉलेज के इंसेफ्लाइटिस वार्ड इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसे लेकर इस अस्पताल में इस वर्ष अब तक इंसेफ्लाइटिस से मरने वालों की संख्या 138 हो गई है। 24 घंटे में 23 नए इंसेफ्लाइटिस मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए गए।

मरने वालों में मधवलिया सिद्घार्थनगर की एक वर्षीय कमलावती, त्रिलोकपुर, सिद्घार्थनगर की तीन वर्षीय नेहा, बृजमनगंज महाराजगंज की तीन वर्षीय शालू और बिहार प्रदेश के गोपालगंज जिले के 27 वर्षीय फैजान शामिल हैं। नए भर्ती मरीजों में महराजगंज व गोरखपुर के सात-सात, बिहार के चार, देवरिया के दो, सिद्घार्थनगर, कुशीनगर, संतकबीर नगर के एक-एक मरीज हैं। इसे लेकर इस वर्ष अब मेडिकल कॉलेज में इंसेफ्लाइटिस के 693 मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं। 101 मरीजों का इलाज अभी भी कॉलेज के इंसेफ्लाइटिस वार्ड में चल रहा है।

बस्ती जनपद में इस साल जेई और एईएस के 53 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 14 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है और लगातार इंसेफ्लाइटिस के नए मामले सामने आ रहे हैं।

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