Headline • टोटल धमाल ने मचाई स्क्रीन पर धूम• अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरियाई किम जोंग के बिच 27-28 फरवरी को वियतनाम में होगा शिखर सम्मेलन • यूपी पुलिस ने देवबंद में 2 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया• दक्षिण कोरिया ने PM मोदी को सियोल शांति पुरस्कार से किया सम्मानित • भाजपा सरकार ने EPF ब्याज दरों में कि बढ़ोतरी • अर्जुन कपूर और अभिषेक बच्चन ने अक्षय कुमार की फिलम केसरी के ट्रेलर की प्रशंसा की • पूर्व पाक अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी के पास इमरान खान के लिए सावधानी बरतने की सलाह • जम्मू-कश्मीर में सरकार ने अर्धसैनिकों के लिए दी हवाई यात्रा को मंजूरी• अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट पर PM मोदी से की अपील दिल्ली को दे पूर्ण राज्य का दर्जा • भारत और सऊदी अरब ने पुलवामा हमले की कड़ी निंदा की• जयपुर सेंट्रल जेल में मारा गया पाकिस्तानी कैदी• नवजोत सिंह सिद्धू के शो से बाहर होने पर कपिल शर्मा का बयान• तमिलनाडु में भाजपा संग एआईएडीएमके गठबंधन हुआ तय • इमरान खान की भारत को धमकी बिना साबुत किया हमला तो खुला जवाब देंगे• अलीगढ़ हिंदू छात्र वाहिनी कार्यकर्ताओं का धारा 370 को हटाने को लेकर प्रदर्शन• कुलभूषण जाधव मामले की सोमवार से सुनवाई शुरू• उत्तराखंड पुलिस की कश्मीरी छात्रों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान न देने की अपील • पुलवामा एनकाउंटर: मेजर समेत 4 जवान शहीद, 2 आतंकी ढेर• राजस्‍थान का गुर्जर आंदोलन शनिवार को खत्म• पुलवामा आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक शुरू• PM मोदी का ऐलान: आतंकियों की बहुत बड़ी गलती चुकानी होगी कीमत• गांधीजी के पुतले को गोली मारने वाली हिंदू महासभा सचिव पूजा पांडे को मिली जमानत• कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती विस्फोट 41 सीआरपीएफ जवानों की मौत• राजीव सक्सेना को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 22 फरवरी तक मिली अंतरिम जमानत • सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल और एलजी विवादों पर अपना फैसला सुनाया

गांव में पुल नहीं होने से लोग परेशान

उत्तरकाशी- उत्तरकाशी में एक साल पहले आई जल प्रलय में कई गांवों के आवागमन के पुल और रास्ते बह गए थे, लेकिन आज तक उन गांवों में ना तो पुल बने और ना ही रास्ते बनाए गए। लोग आज भी जान जोखिम में डाल कर अवागमन करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी अठाली सेकू और अस्सी गंगा के दर्जनों गांव के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीण या तो ट्राली से अवागमन कर रहे हैं या फिर नदी में लकड़ी लगा कर आना जाना कर रहे हैं। बच्चों को भी स्कूल आने- जाने में परेशानी होती है। लोगों की इस दुर्दशा के बाद भी सरकार का कोई नुमाइंदा अब तक इन लोगों की सुध लेने के लिए नहीं आया है।

संबंधित समाचार

:
:
: