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राज्यसभा की एक सीट के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 10 मार्च, उम्मीदवारों को लेकर कांग्रेस, बीजेपी खामोश 

उत्तराखण्ड में राज्यसभा की एक सीट के चुनाव में उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। विधानसभा में संख्याबल नहीं होने के बावजूद बीजेपी ये तय नहीं कर पा रही है कि उम्मीदवार उतारें या नहीं। वहीं सत्ताधारी कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा होने पर भी अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई। दोनों ही पार्टियां अपने प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी हाईकमान के पाले में गेंद डाल रही हैं।

उत्तराखण्ड में राज्यसभा की एक सीट के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 10 मार्च है। लेकिन अभी तक न तो सत्ताधारी कांग्रेस ही अपने उम्मीदवार का ऐलान कर पाई है और ना ही बीजेपी। अब तक कांग्रेस और बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल नहीं कर पाई है। उम्मीदवारों के नाम में देरी की वजह विधायकों की कमी मानी जा रही है। बता दें कि, उत्तराखण्ड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के महज 28 विधायक हैं। प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का कहना है कि इस चुनाव का जनता से सीधा संबंध नहीं है। राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर बीजेपी हाईकमान से बातचीत करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं 42 विधायकों का संख्याबल होने के बावजूद सत्ताधारी कांग्रेस भी उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है।

 

 उत्तराखण्ड विधानसभा सभा के 70 सदस्यों की संख्या इस प्रकार है- 

कांग्रेस. 35

बीजेपी    28

बीण्एसण्पीण्    3

यूकेडी      1

निर्दलीय    3

 

मजेदार बात ये है कि पिछले बाद कांग्रेस प्रत्याषी स्वर्गीय मनोरमा शर्मा के सामने बीजेपी ने प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत बंसल विधानसभा तक पहुंचकर बिना नामांकन बैरंग वापस आ गए थे। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

उत्तराखण्ड में राज्यसभा की एक सीट के चुनाव में उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। विधानसभा में संख्याबल नहीं होने के बावजूद बीजेपी ये तय नहीं कर पा रही है कि उम्मीदवार उतारें या नहीं। वहीं सत्ताधारी कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा होने पर भी अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाई। दोनों ही पार्टियां अपने प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी हाईकमान के पाले में गेंद डाल रही हैं।

उत्तराखण्ड में राज्यसभा की एक सीट के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 10 मार्च है। लेकिन अभी तक न तो सत्ताधारी कांग्रेस ही अपने उम्मीदवार का ऐलान कर पाई है और ना ही बीजेपी। अब तक कांग्रेस और बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नाम फाइनल नहीं कर पाई है। उम्मीदवारों के नाम में देरी की वजह विधायकों की कमी मानी जा रही है। बता दें कि, उत्तराखण्ड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के महज 28 विधायक हैं। प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत का कहना है कि इस चुनाव का जनता से सीधा संबंध नहीं है। राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर बीजेपी हाईकमान से बातचीत करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं 42 विधायकों का संख्याबल होने के बावजूद सत्ताधारी कांग्रेस भी उम्मीदवार तय नहीं कर पाई है।

उत्तराखण्ड विधानसभा सभा के 70 सदस्यों की संख्या इस प्रकार है- 

कांग्रेस- 35

बीजेपी - 28

बी.एस.पी. - 3

यूकेडी- 1

निर्दलीय- 3

मजेदार बात ये है कि पिछले बाद कांग्रेस प्रत्याषी स्वर्गीय मनोरमा शर्मा के सामने बीजेपी ने प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत बंसल विधानसभा तक पहुंचकर बिना नामांकन बैरंग वापस आ गए थे। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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