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मुजफ्फरनगरः पूर्व प्रधानमंत्री अटल  बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पूरा देश शोक में डूब गया है। जैसे ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न से सम्मानित अटल  बिहारी वाजपेई के निधन की खबर मुज़फ्फरनगर पहुंची तो पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

बीजेपी दफ्तर में अटलजी की तस्वीर पर कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर शोक प्रकट किया वही बीजेपी के विधायक सांसद ने 2 मिनट का मौन रख शोक प्रकट किया।

वही अटलजी के साथ वर्षों तक काम करने वाले पुराने संघी महेंद्र आचार्य ने साथ बिताए पल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय जनता पार्टी के इस नेता को सभी दलों ने व सभी जनता ने समान रूप से प्यार दिया है।

अटलजी से मेरा जो पहला परिचय रहा है वो सन 1964 में रहा है। तब वो सन 1964 में युवा थे मैंने उनकी ही कविता उनके मुख से सुनी थी। सन 1966 में तीन चार दिन साथ रहने का अवसर भी मिला 1967 में भी मिला व  उनके साथ बैठकर उन्हें एक गीत भी उनकी प्रस्तुति में सुनाया।

सन 1969 में तीन दिन एक साथ बैठने का अवसर मिला फिर एक ऐसा भी अवसर आया संगठन में मुझे उनके साथ ही काम करने का प्रस्ताव था लेकिन उस समय मेरी कुछ परिस्थिति हल्की थी। घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, इस लिए मैंने मना कर दिया था। 

वही पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी सांसद संजीव बालियान ने बताया कि वाजपेईजी का जाना राजनीति में एक अध्याय का खत्म होना है।

सभी राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राजनीति में जिनका सम्मान होता था उसकड़ी में आखरी व्यक्ति वाजपेयी जी थे। भारतीय जनता पार्टी के संरक्षक थे। घर का बड़ा आज हमें छोड़कर चला गया है। भारतीय जनता पार्टी ही नहीं पूरा देश शोक में है। 

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