Headline • मसूद अजहर मौत के दरवाजे पर • सुनैना रोशन के ब्वॉयफ्रेंड रुहेल ने रोशन परिवार पर लगाया आरोप • माइकल क्लार्क ने बुमराह और कोहली के बारे में कहा• हफ्ते भर की देरी के बाद मानसून अब  देगा दस्तक  •  राम रहीम ने की पैरोल मांग• रणबीर कपूर और आलिया के रिश्ते पर लग सकती है मुहर • रूस अमेरिका से रिश्ते मधुर करने में जुटा • यूपी के 15 शहरों के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की चेतावनी • मायावती का अखिलेश पर बड़ा आरोप, अखिलेश के कारण हुई हार• चेन्नई की प्यास बुझाने के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन• भारत की निगाह बड़ी जीत पर, अफगानिस्तान के खिलाफ विश्व कप में पहली बार भारत• बिहार में मानसून पहुंचने से लोगो ने ली राहत की सांस • एक बार फिर सदन में तीन तलाक के मुद्दे पर तीखी बहस • विश्व कप में अंतिम चार के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने उतरेगा भारत • संकट में कुमारस्वामी की सरकार, एचडी देवगौड़ा ने मध्यावधि चुनाव की आशंका जताई• अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंन्द मोदी का दुनिया को सन्देश। • गौतम गंम्भीर ने साझा किए इमोशनल मैसेज • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी  रांची  में करेगें योग • भारत को आतंक का नया ठिकाना बनाने की फिराख में है ISIS के आतंकी• अमेरिका के इस कदम से, कामकाजी भारतीयों को होगी परेशानी• चुनाव के बाद तेजस्वी कहाँ गायब हो गये है।• 14 साल बाद आया अय़ोध्या आतंकियों पर अदालत का फैसला • फिल्म ‘आर्टिकल 15’ विवादों में घिरती नजर आ रही है • अमरीका और ईरान का खाड़ी में तनाव गहराया • 'एक देश एक चुनाव' से विपक्ष क्यों नाराज


लखनऊ. विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों के सदन से वाकआउट के बीच योगी सरकार ने यूपीकोका विधेयक को विधानसभा से पारित कर दिया। उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) विधेयक बुधवार को सदन विधानसभा में पेश किया गया था। 

सपा और बसपा ने इसे काला कानून करार देते हुए इसका विरोध किया। मालूम हो कि सदन की कार्यसूची में यूपीकोका विधेयक नहीं था। सीएम आदित्यनाथ ने इसे अचानक सदन में पेश कर दिया। गुरुवार दोपहर बाद यूपीकोका विधेयक के मुद्दे पर सपा और बसपा के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। कुछ ही देर में सदन में विधेयक को पास कर दिया गया।

इससे पहले विधेयक पर बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस विधेयक के कानून बन जाने के बाद संगठित अपराध को रोकने में मदद मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने पत्रकारों से कहा कि सरकार पहले ही अघोषित आपातकाल उप्र में लगा चुकी है। 

चैधरी ने कहा, यूपीकोका दरसअल उप्र में राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए लाया जा रहा है। यह एक काला कानून है। दूसरी ओर मीडिया की आजादी पर भी प्रतिबंध लगाने का काम करेगी। मीडिया को इससे सतर्क रहने की जरूरत है। रामगोविंद ने आगे कहा कि यूपीकोका के विरोध में पार्टी सड़क पर उतरकर इसका विरोध करेगी। 

रामगोबिंद के बाद मऊ सदर सीट से विधायक मुख्तार अंसारी भी मीडिया के सामने आए। उन्होंने भी यूपीकोका को काला कानून करार दिया। उन्होंने कहा कि उप्र सरकार यूपीकोका विधेयक राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और जेल में डालने के लिए ला रही है। इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरा जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले अभियोग मंडलायुक्त तथा परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक की दो सदस्यीय समिति के अनुमोदन के बाद ही पंजीकृत होंगे। 

अब तक पुलिस पहले अपराधी को पकड़कर अदालत में पेश करती थी, फिर सबूत जुटाती थी। लेकिन यूपीकोका के तहत पुलिस पहले अपराधियों के खिलाफ सबूत जुटाएगी और फिर उसी के आधार पर उनकी गिरफ्तारी होगी। यानी अब अपराधी को अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करनी होगी। 

इसके अलावा सरकार के खिलाफ होने वाले हिंसक प्रदर्शनों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस विधेयक में गवाहों की सुरक्षा का खासा ख्याल रखा गया है। यूपीकोका के तहत आरोपी यह नहीं जान सकेगा कि किसने उसके खिलाफ गवाही दी है। हालांकि सत्र की शुरुआत से पहले ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इस विधेयक का विरोध किया था। बसपा ने कहा था कि यह विधेयक महाराष्ट्र के मकोका कानून की तर्ज पर बनाया गया है।

 

संबंधित समाचार

:
:
: