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रायबरेलीः यहां का एक अधिकारी अपने आपको मुख्यमंत्री से भी बड़ा समझता है। पीड़ित को फोन पर कहता है कि तुम्हारा काम तब तक नहीं होगा जब तक मैं नही चाहूंगा मुख्यमंत्री भी नहीं करवा सकते। 

दरअसल, रायबरेली के  हरचन्दपुर ब्लाक के अगुरी गांव के रहने वाले पीड़ित ने आवास की मांग की थी। झोपड़ी की जांच करने आये अधिकारी को पीड़ित ने रिश्वत नहीं दी तो उसे अपात्र घोषित कर दिया।

इसकी शिकायत सीएम से की गई तो वह अधिकारी भड़क गया और उसने पीड़ित को फोन कर कहा, जहां भी और जिसको भी शिकायत करनी हो कर दो। सीएम भी तुम्हें आवास नहीं दिला सकते हैं। पीड़ित ने बातचीत की आवाज अपने मोबाइल में टेप कर ली।

पीड़ित  राम सजीवन बेहद गरीब है। झोपड़ी में रहकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसने एक आवास की मांग की थी। जिस पर बकायदा जांच आई पर उसने जांचकर्ता ग्राम पंचायत सचिव सुशील कुमार ने रिश्वत मांग ली।

राम सजीवन के पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं थे, लिहाजा उसने मना कर दिया तो सुशील कुमार ने उसे अपात्र घोषित कर दिया। राम सजीवन ने इसकी शिकायत सीएम से की है। 

इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव ने कहा कि बता देना मुख्यमंत्री के यहां जो शिकायत की है, क्या सीएम आवास दिला देंगे । जब तक हम नही चाहेंगे तब तक आवास मुख्यमंत्री भी नही दिला सकते। 

 

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