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आगराः 85 साल की उम्र में अगर किसी को धरना देना पड़े तो व्यवस्था में कही कोई कमी होगी। ऐसी ही एक घटना यहां सामने आई है। अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिये 85 साल की बूढ़ी मां को धरना देने का तरीका अपनाना पड़ा। वृद्धा ने अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ यहां शहीद स्मारक पर धरने पर बैठ गई।

क्या है मामला

वृद्धा के बेटे प्रेम शंकर तिवारी पर नकल माफियाओं ने सरिया से हमला कर दिया था। वह नकल विहीन परीक्षा करवा रहा था। इस मामले में थाना सिकन्दरा में नामजद मुकदमा दर्ज होने के बाद भी सभी आरोपी पुलिस पकड़ से दूर है। गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार को प्रोफेसर तिवारी पर फिर से हमला होने का खतरा सता रहा है।

इस मामले में कॉलेज के डॉ. पुष्पेंद्र समेत कई अन्य पर मुकदमा दर्ज हुआ था। प्रोफेसर का आरोप था कि लॉ की परीक्षा के दौरान नकल रोकने पर पहले ही दिन शिक्षक पुष्पेंद्र और तीन अन्य ने हंगामा किया था। तब से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। 26 सितम्बर को कॉलेज जाते समय सुबह साढ़े नौ बजे के लगभग उन पर जानलेवा हमला हो गया।

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार दोबारा हमले के डर में जी रहा है। आज पीड़ित शिक्षक की माँ लालमुखी तिवारी और पत्नी रागिनी तिवारी बेटी बेटा और पड़ोसियों को लेकर शहीद स्मारक पर एक दिवसीय धरने पर बैठ गई। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि आज केवल प्रशासन को चेताने के लिए धरना दिया गया है। और अगर प्रशासन नही समझा तो आमरण अनशन भी किया जाएगा।

वहीं एएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि मामले में नामजदों से पूछताछ हो रही है। सर्विलांस की मदद ली गयी है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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