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 फसली ऋण माफी पर बोले किसान- CM साहब इतने से क्या होगा ?

लखनऊ. योगी सरकार के कर्ज माफी के फैसले का उत्तर प्रदेश के किसानों ने स्वागत किया है, हालांकि एक लाख रुपये की कर्ज सीमा लगाए जाने से वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। राज्य सरकार के इस फैसले के बारे में किसान संघों का कहना है कि कर्ज सीमा और कर्जमाफी को फसली कर्ज तक सीमित रखने से लाभ का दायरा भी सीमित रह जाएगा। किसानों का कहना है कि 1 लाख तक का कर्ज माफ करने से सीएम साहब क्या होगा ?

 

बहुत कम लघु किसान लेते है फसली कर्ज

 

-इस बारे में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के सदस्य धर्मेद्र सिंह ने कहा कि 'हम राज्य सरकार के रुख का स्वागत करते हैं और इससे बहुतों को फायदा होगा।'

-लेकिन बहुत कम लघु किसान फसली कर्ज लेते हैं, इसलिए इससे कोई फायदा नहीं मिलने वाला।'

उन्होंने कहा कि 'पीएम मोदी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सभी किसानों का पूरा कर्ज माफ कर दिया जाएगा, न कि सिर्फ कुछ किसानों का।'

 

लघु और सिमांत किसान मदद पाने के हकदार हैं : किसान नेता

 

-'सीतापुर के किसान नेता उमेश चंद्र पांडेय का कहना है कि 'लघु और सिमांत किसान मदद पाने के हकदार हैं।'

-'लेकिन राज्य में बड़े किसानों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।'

-पांडेय ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि मौजूदा राज्य सरकार अन्य किसानों के बारे में भी विचार करेगी।'

 

अखिलेश ने कहा 'वादाखिलाफी' है

 

-पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कर्जमाफी की योगी आदित्यनाथ सरकार की घोषणा को 'वादाखिलाफी' कहा है। 

-अखिलेश ने ट्वीट किया कि 'किसानों का पूरा कर्ज माफ किए जाने का वादा किया गया था..राज्य के किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।'

-'क्योंकि सरकार ने एक लाख रुपये कर्ज सीमा लगा दी है, जो गरीब किसानों से वादाखिलाफी है।'

 

36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ

 

-बता दें कि राज्य की बीजेपी की सरकार ने मंगलवार को पहली मंत्रिमंडलीय बैठक में राज्य के किसानों का 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का फैसला लिया। 

-सरकार के इस फैसले से राज्य के दो करोड़ 15 लाख लघु एवं सीमांत किसान लाभान्वित होंगे।

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