Headline • सीएम योगी से मिलने के बाद बोलीं विवेक तिवारी की पत्नी- सरकार पर भरोसा और बढ़ गया• राजकपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर का 87 साल की उम्र में निधन• गाजियाबाद: आपसी झगड़े में BSF जवान ने दूसरे को मारी गोली, एक की मौत• लखनऊ शूटआउट : विवेक तिवारी की पत्नी ने सीएम योगी से की मुलाकात• लखनऊ : कारोबारी के घर लाखों की डकैती, वारदात के बाद दंपती को बाथरूम में बंद कर फरार हुए नकाबपोश बदमाश • मुजफ्फरनगर : युवती का अपहरण कर रेप, जंगल में फेंककर हुए फरार• विवेक तिवारी हत्याकांड पर बीजेपी विधायक ने उठाए सवाल, सीएम योगी को लिखा पत्र• विवेक तिवारी हत्याकांड:CM योगी ने पीड़ित परिवार से फोन पर की बात,हर संभव मदद करने का दिया भरोसा• बस्ती : खराब बस को धक्का लगा रहे यात्रियों को ट्रक ने कुचला, 6 की दर्दनाक मौत• विवेक तिवारी हत्याकांड :'पुलिस अंकल, आप गाड़ी रोकेंगे तो पापा रुक जाएंगे... Please गोली मत मारियेगा'• लखीमपुर खीरी के यतीश ने तोड़ा लगातार पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 123 घंटे पढ़कर बनाया कीर्तिमान• रुद्रप्रयाग : अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी कार • फाइनल में सेंचुरी बनाने वाले लिटन दास को क्यों कहना पड़ा, मैं बांग्लादेशी हूं और धर्म हमें बांट नहीं सकता• ललितपुर : SDM ने होमगार्ड की राइफल से गोली मारकर की आत्महत्या• टेनिस की इस खिलाड़ी ने किया टॉपलेस वीडियो, कारण जानकार आप भी करने लगेंगे तारीफ• इंडोनेशिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 800 पार पहुंची, अभी भी कई इलाकों में नहीं पहुंचा राहत दल• मेरठ : हिस्ट्रीशीटर की चाकुओं से गोदकर हत्या• एशिया कप के साथ फोटो शेयर कर इशारों इशारों में  बुमराह ने राजस्थान पुलिस को मारा ताना• तनुश्री के सपोर्ट में आईं कई हिरोईन तो नाना के समर्थन में आईं राखी सावंत, कहा, मरते दम तक साथ दूंगी• SHO और मुंशी के टॉर्चर से परेशान होकर महिला सिपाही ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में हुआ खुलासा• मामा-भांजी को पेड़ से बांधकर की पिटाई, चचिया ससुर ने बदला लेने के  लिए किया ऐसा घिनौना काम• बदनामी के बीच आई यूपी पुलिस की एक ईमानदार छवि, केस से नाम हटाने को 4 लाख देने वाले को जेल भेजा• इस दिन रिलीज हो रहा है कंगना की मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' का टीजर• पुलिस के आतंक से पुरुषों ने गांव छोड़ा, दो पक्षों के झगड़े में सिपाही के घायल होने पर गांव में पुलिस का तांडव• स्वामी प्रसाद का सपा पर हमला, कहा-अखिलेश ने गरीब के पैसे और साइकिल कार्यकर्ताओं में बांट दिए

 PM की बात पर देश के सबसे बुजुर्ग ने पहली बार दिया वोट, भूख से हुई थी माता-पिता की मौत

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों से प्रभावित होने वाले लोग बहुत हैं, लेकिन उनमें ज्यादातर लोग युवा है। काशी में बुधवार को मतदाने के दौरान कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसे देखकर कोई भी कह सकता है कि पीएम मोदी सिर्फ युवाओं के ही नहीं बुजुर्ग के दिलों पर भी राज करते हैं। वाराणसी के रहने वाले शिवानंद बाबा की उम्र आज 121 साल हो गई, इन्हें देश का सबसे बुजुर्ग इंसान भी कहा जाता है। सोचने वाली बात है, शिवानंद बाबा ने अपने जीवन में पहली बार मतदान किया वो भी मोदी से प्रेरित होकर इस चुनाव में, बताया जाता है कि बाबा ने अपने जिंदगी में कभी मतदान नहीं किया था।

जब बाबा को देख चौंक पड़े लोग

-दुर्गाकुंड प्राथमिक पाठशाला के बूथ संख्या 385 पर 121 साल के एक बाबा वोट डालने पहुंचे।
-इस दौरान खास बात ये नहीं रही कि इन्होंने 121 साल की उम्र में वोट डाला।
-बल्कि लोगों का ध्यान खींचने वाली बात ये है कि बाबा ने पहली बार वोट डाला। 



पीएम से प्रभावित होकर किया वोट

-शिवानंद बाबा का कहना है कि देश में फैले भ्रष्टाचार, जातिवाद, बेरोजगारी और भुखमरी फैली हुई है।
-जिसके विरोध में उन्होंने आज तक कभी वोट नहीं डाला था।
-लेकिन इस बार वे पीएम मोदी से प्रभावित होकर वोट देने गये।

कहा- प्रदेश से परिवारवाद की राजनीति खत्म होनी चाहिए

-बाबा ने कहा कि भुखमरी, घर, रोजगार, भ्रष्टाचार और जातिवाद से जुड़ी समस्याएं देश से समाप्त होनी चाहिए।
-यूपी में वो सरकार बने, जो धर्म-जाति से ऊपर उठकर काम करे।
-उन्होंने कहा कि मैंने इन्हीं मुद्दों पर वोट दिया है।
-उनका कहना है कि मोदीजी में ये काबिलियत है कि वो इन मुद्दों पर काम कर समस्याएं खत्म कर सकते हैं।
-उनका ये भी कहना है कि यूपी से परिवारवाद की राजनीति भी खत्म होनी चाहिए।

भूख के कारण हुई परिजनों की मौत

-बाबा ने बताया कि उनका जन्‍म 8 अगस्‍त 1896 को बांग्‍लादेश के श्रीहट्ट जिले में एक गरीब परिवार में हुआ था।
-मां-बाप भीख मांगकर घर चलाते थे, इसलिए कभी भी उनका पेट नहीं भरा।
-गरीबी की ही वजह से उन्‍होंने खुद को बाबा गुरुदेव को सौंप दिया।
-1903 में जब वह अपने गांव श्रीहट्ट वापस गए तो पता चला कि भूख के कारण मां-बाप का भी निधन हो चुका था।
-इसके बाद वह वापस आश्रम आ गए और 1907 में गुरुजी से दीक्षा ली।
-गुरुजी की मौत के बाद 1977 में वृंदावन चले गए। 1979 के बाद काशी आए और यहीं रहने लगे।

संबंधित समाचार

फ़टाफ़ट खबरे

 

live-tv-uttrakhand

live-tv-rajasthan

ब्लॉग

लीडर

  • उमेश कुमार

    एडिटर-इन-चीफ,समाचार प्लस

    उमेश कुमार समाचार प्लस के एडिटर इन चीफ हैं।

  • प्रवीण साहनी

    एक्जक्यूटिव एडिटर

    प्रवीण साहनी पत्रकारिता जगत का जाना-माना नाम और चेहर...

आपका शहर आपकी खबर

वीडियो

हमारे एंकर्स

शो

:
:
: