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कांग्रेस-पीडीएफ के घमासान में भाजपा उठा रही है फायदा!

पीडीएफ को लेकर कांग्रेस सरकार और संगठन में भले ही रार मची हो लेकिन विपक्षी भाजपा इसमें अपना पूरा सियासी फायदा देख रही है।

चुनावी साल में जहां इस मारामारी ने भाजपा को सरकार पर हमले का मौका दे दिया है। वहीं पीडीएफ की इस लड़ाई से बीजेपी चुनावी फायदा मिलने की भी उम्मीद कर रही है।

दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने पीडीएफ को निशाने पर ले रखा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद किशोर के शब्दबाण पीडीएफ को भेद रहे हैं।

इसे भाजपा राजनीतिक फायदे के रूप में देख रही है। भाजपा को फायदा सिर्फ यहीं नहीं कि इस मुद्दे पर वो सरकार को विकास छोड़ कर झगड़े निबटाने में व्यस्त बताएंगे।

बल्कि जिन सीटों पर पीडीएफ के विधायक हैं वहां चुनाव में फायदा मिलने की भी भाजपा उम्मीद कर रही है। इनमें टिहरी, श्रीनगर, बद्रीनाथ या फिर बसपा के दो विधायकों के विधानसभा क्षेत्र हैं। इन सीटों पर फिलहाल भाजपा के पास कोई मजबूत चेहरा नहीं है।

इसलिए बीजेपी उम्मीद कर रही है कि अगर चुनाव तक कांग्रेस पीडीएफ का झगड़ा नहीं सुलझा पाती है तो इसका सीधा फायदा उनके प्रत्याशी को ही मिलना है।

लिहाजा! भाजपा दोनों की लड़ाई की आंच में अपना पूरा हाथ सेंक रही है। वहीं इसकी आड़ में भाजपा हर तीसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को भी उनका दायरा बता रही है।

कांग्रेस पीडीएफ के घमासान में भाजपा को कोई लाभ होने से पीसीसी अध्यक्ष इत्तेफाक नहीं रखते। पीसीसी चीफ किशोर उपाध्याय का कहना है कि उनके बयानों और पीडीएफ से तल्खी को लेकर भाजपा नेता ज्यादा उछलें नहीं।

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