Headline • अवैध शराब बनाते बसपा के पूर्व विधायक गिरफ्तार, बंद पड़े स्कूल में चला रहे थे कारोबार• हापुड़ में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान युवक नहर में डूबा, गोताखोर तलाश करने में जुटे• नील नितिन मुकेश के घर आई एक नन्ही परी• जानें राजनीति में आने के सवाल पर राहुल द्रविड़ ने क्या जवाब दिया• विवादों के बाद सन्नी देओल की फिल्म मोहल्ला अस्सी रिलीज को तैयार, फर्स्ट लुक जारी• कातिल सौतन! पूर्व पति की शादी को नहीं कर पाई बर्दाश्त, कराया जानलेवा हमला, महिला की मौत• अपनी ही सरकार के खिलाफ बोलीं पूर्व मेयर, कहा-समय पर लिया होता फैसला तो नहीं देखने पड़ते ये दिन• तारीख से लौट रहे दामाद को अगवा कर ससुरालियों ने की जमकर पिटाई, पुलिस ने बचाई जान• 80 मौत के बाद जागीं मंत्री अनुपमा, अस्पताल का लिया जायजा, कैमरों के साथ पहुंचीं मृतकों के घर• भारत ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला, चोटिल पांड्या की जगह रविंद्र जाडेजा को मौका• बीच बचाव करने गए बुजुर्ग पर ही टूट पड़े, चौकी इंचार्ज ने जान पर खेलकर बचाई जान• कर्बला की ओर बढ़ते हर कदम के साथ हुसैन की कुर्बानी का दर्द और यजीद के खिलाफ गुस्सा दिखा • करीना कपूर ने फैमिली के साथ सेलिब्रेट किया अपना जन्मदिन, तस्वीरें आई सामने• चल-चल चल मेरे हाथी, ओ मेरे साथी, चल रे चल खटारा खींचके...पीएम के संसदीय क्षेत्र में अनोखा विरोध• बढ़ सकती है बसपा सुप्रीमो मायावती की परेशानी, हाईकोर्ट ने तलब की स्मारक घोटाले की स्टेटस रिपोर्ट• कैग रिपोर्ट में फंसे अखिलेश ! 97 हजार करोड़ रुपए के सरकारी धन की बंदरबांट• किसने सबके सामने कहा-बहुत ही गंदा है आगरा शहर, यूपी सरकार से कोई प्रस्ताव ही नहीं मिला• बीमारी से हुई मौतों से परेशान ग्रामीणों ने सांसद से पूछा, अब यहां क्या करने आई है? जमकर निकाला गुस्सा• तोगड़िया का मोदी पर हमला, कहा- 2014 में मंदिर की बात करते थे अब मस्जिद से मोहब्बत करने लगे• अब ऑनलाइन मिलेंगे मोदी और योगी जैसे कुर्ते, दीनदयाल धाम ने किया कई कंपनियों से समझौता• किराए के मकान में चल रहे अस्पताल, हर महीने करोड़ों होता है खर्च लेकिन लोगों को नहीं मिल रहा लाभ• चालान काटने वालों के खुद कटे चालान, हरदोई के एसपी के फरमान से पुलिसवालों की बढ़ी परेशानी• नोएडा : PNB में लूट की कोशिश, बदमाशों ने की दो गार्डों की हत्या• अमरोहा :टायर फटने से यात्रियों से भरी बस पलटी, 5 की मौत, 40 से ज्यादा घायल• जेल से बरामद पिस्टल से नहीं मारी गई थी मुन्ना बजरंगी को गोली,फोरेंसिक जांच में हुआ खुलासा


इलाहाबादः हिन्दी की नामचीन कवियित्री महादेवी वर्मा की आज इक्तीसवीं पुण्यतिथि है। पुण्यतिथि के मौके पर महीयशी को श्रद्धांजलि देने के लिए आज देश भर में तमाम आयोजन हो रहे हैं, लेकिन महादेवी की कर्मभूमि इलाहाबाद में नगर निगम ने इस मौके पर उनके नाम से पचपन हजार रुपये बकाये का हाउस टैक्स का बिल जारी किया है।

इस बिल पर साफ़ तौर पर लिखा हुआ है कि अगर महादेवी वर्मा ने पंद्रह दिनों के अंदर पचपन हजार रुपये का भुगतान नहीं किया तो उसके बाद वसूली नोटिस और मकान के कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के अफसरों ने यह कारनामा तब किया है, जब इसी साल फरवरी महीने में कुर्की का नोटिस जारी होने के बाद इलाहाबाद की मेयर उनके घर का हाउस टैक्स माफ करने का एलान कर चुकी हैं।

महादेवी के दुनिया छोड़ने के इकतीस साल बाद भी पुण्य तिथि के मौके पर उनके नाम से बिल और चेतावनी भेजे जाने से उनके परिवार वालों और साहित्य से जुड़े लोगों में खासी नाराज़गी है। इस पूरे मामले में नगर निगम के अफसर अब बैकफुट पर हैं और वह गलतबयानी कर अपनी कारगुजारियों पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटे हैं।   

विद्या और ज्ञान की देवी सरस्वती के शहर इलाहाबाद से यूं तो देश के तमाम नामचीन साहित्यकारों का नाता रहा है, लेकिन इस शहर को ख़ास पहचान महाकवि निराला के साथ ही हरिवंश राय बच्चन और महीयशी महादेवी वर्मा के नाम से मिलती है। महादेवी वर्मा का जन्म वैसे तो यूपी के फर्रुखाबाद में हुआ, लेकिन उनका पूरा जीवन इलाहाबाद में बीता। यहीं उनकी पढ़ाई हुई।

यहीं उन्होंने अध्यापन का काम किया और इसी शहर में दीपशिखा समेत अपनी ज़्यादातर रचनाओं को कागजों पर उकेरा। 11 सितम्बर साल 1987 को इलाहाबाद के ही अशोक नगर मोहल्ले के के अपने मकान में उन्होंने आखि़री सांस ली थी। उनका अंतिम संस्कार भी इसी शहर में गंगा के घाट पर हुआ तो अस्थियों का विसर्जन गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम की धारा में। 

देश दुनिया में बहुतेरे लोग इलाहाबाद को आज महादेवी की कर्मभूमि की वजह से भी जानते हैं। यह अलग बात है कि जिस इलाहाबाद को महादेवी वर्मा ने एक अलग पहचान दिलाई, उस शहर ने सांसे थमने के बाद आधुनिक युग की साहित्यिक मीरा को वक्त के साथ भुला दिया।

इलाहाबाद के नगर निगम में न तो शहर में किसी जगह महादेवी वर्मा की मूर्ति लगवाई, न किसी सड़क या चौराहे का नामकरण किया और न ही उनके नाम पर कभी कोई आयोजन किये। यहां तब तो तब भी गनीमत रही, लेकिन नगर निगम ने देश की इस महान कवियित्री की मौत के इकतीस साल बाद उनकी पुण्यतिथि के दिन फिर से जो कारनामा किया है, उसने न सिर्फ साहित्य से जुड़े लोगों को गुस्से में भर दिया है, बल्कि महादेवी के परिवार वालों की आंख में आंसू भी भर दिए हैं। 

संबंधित समाचार

फ़टाफ़ट खबरे

 

live-tv-uttrakhand

live-tv-rajasthan

ब्लॉग

लीडर

  • उमेश कुमार

    एडिटर-इन-चीफ,समाचार प्लस

    उमेश कुमार समाचार प्लस के एडिटर इन चीफ हैं।

  • प्रवीण साहनी

    एक्जक्यूटिव एडिटर

    प्रवीण साहनी पत्रकारिता जगत का जाना-माना नाम और चेहर...

आपका शहर आपकी खबर



वीडियो

हमारे एंकर्स

शो

:
:
: