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सत्यम धोखाधड़ी मामला: अब 9 अप्रैल को फैसला सुनाएगी विशेष अदालत

हैदराबाद- कंपनी के खातों में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी वाले बहुचर्चित सत्यम् कंप्यूटर घोटाला मामले में विशेष अदालत ने अपना अंतिम फैसला अब 9 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है।

विशेष अदालत के न्यायधीश बीवीएलएन चक्रवर्ती ने 23 दिसंबर को हुई आखिरी सुनवाई में मामले में भारी भरकम दस्तावेजों को देखते हुए कहा कि वह 9 मार्च को अपना फैसला सुनाएंगे। करीब 6 साल पुराने इस मामले की सुनवाई के दौरान 3,000 दस्तावेजों को चिन्ह्ति किया गया और 226 गवाहों से पूछताछ की गई।

मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की। खातों में गड़बड़ी के सबसे बड़े मामले के रूप में चर्चित यह मामला 7 जनवरी 2009 को पहली बार सामने आया जब तत्कालीन सत्यम कंप्यूटर के संस्थापक और उसके चेयरमैन बी. रामलिंग राजू ने कथित तौर पर कंपनी के खातों में गड़बड़ी और कई सालों तक कंपनी का मुनाफा बढ़ा चढ़ाकर दिखाने की बात को स्वीकार किया था। धोखाधड़ी की बात स्वीकार करते ही राजू, उनके भाई राम राजू तथा अन्य को 2 दिन बाद ही आंध्र प्रदेश पुलिस की अपराध जांच शाखा ने गिरफ्तार कर लिया।

राजू के अलावा इस मामले में जो 9 अन्य आरोपी हैं उनमें सत्यम के पूर्व प्रबंध निदेशक बी. राम राजू, पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी वाडलमणि श्रीनिवास, पूर्व पीडब्ल्यूसी लेखापरीक्षक सुब्रमणि गोपालकृष्णन और टी. श्रीनिवास, राजू का एक अन्य भाई बी. सूर्य नारायण राजू, पूर्व कर्मचारी जी. रामकृष्ण, डी. वेंकटपति राजू और चौधरी श्रीसेलम और सत्यम के पूर्व आंतरिक मुख्य लेखाकार वी.एस. प्रभाकर गुप्ता शामिल हैं। इस समय सभी आरोपी जमानत पर हैं।

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