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बहराइच : भारत नेपाल सीमावर्ती तराई के जिला बहराइच में दिमागी बुखार का प्रकोप छाया हुआ है। जिला अस्पताल में इन दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। हालत यह है कि बड़ी तादाद में मासूम बच्चों का इलाज फर्श पर हो रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य महकमा मासूमों की जान से खिलवाड़ करता नजर आ रहा है। सीधे तौर पर जिला अस्पताल यह नहीं बताता है कि मष्तिष्क ज्वर के कितने मरीज़ है लेकिन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया 19 मरीजों के सैम्पल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। जिस तरह मासूमों को फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा उससे मासूमों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। लगातार हो रही बच्चों की मौत के बावजूद अस्पताल प्रशासन सबक लेने को तैयार नहीं है। 

जिला अस्पताल में मस्तिष्क ज्वर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। इन बच्चों के उपचार को लेकर अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। मासूमों के उपचार में कदम कदम पर लापरवाही बरती जा रही है। आने वाले मरीजो को स्ट्रेचर मिलना तो दूर, हाथ मे मासूम मरीज को लेकर खड़े होने वाले तीमारदारों से चिकित्साकर्मी बात तक करने को तैयार नहीं है ।

 

-अस्पताल के वार्ड में भारी उमस और गर्मी के बीच लोग मासूमों का इलाज कराने को मजबूर है। लेकिन वार्ड में फैली गंदगी से फर्स पर लिटाकर मासूमों का उपचार उनकी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। वार्ड में 6 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत भी हो गई है । मामले में जब बुजुर्ग तीमारदार से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनकी आंखें नम हो गई। लगातार हो रही मौतों के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो रही है।

-हालत यह है कि लोग जूते-चप्पलें पहन कर वार्ड में घूमते रहते है। इससे ये मासूम संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे है। 

 

 

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