Headline • अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा की • पीएम मोदी ने किया वाराणसी में होने वाले मेगा रोड शो की शुरूआत • महेंद्र सिंह धोनी ने कहा रिटायर होने तक नहीं बताउंगा अपना सक्सेस मंत्र• अक्षय कुमार ने लिया प्रधानमंत्री का इंटरव्यू, पीएम ने जीता यूजर्स का दिल • अफ्रीका में लॉन्‍च किया दुनिया का पहला मलेरिया का टीका• CJI के खिलाफ आरोप: CBI, IB और दिल्ली पुलिस के ऑफिसर तलब• श्रीलंका में सीरियल ब्लास्ट की जिम्मेदारी, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली• सीएम सहित रेलवे स्टेशनो को मिली आतंकवाद की धमकी• धोनी की बैटिंग देख विराट बोले- धोनी ने तो हमें डरा ही दिया था• पीएम मोदी के अनुरोध पर शाहरुख खान ने एक मजेदार विडियो बना लोगों से की वोटिंग की अपील • श्रीलंका सीरियल ब्लास्ट: श्रीलंका में अब तक बम धमाकों में मरने वालों की संख्‍या 290 पहुंची • राहुल गांधी का ऐलान सरकार बनी तो राष्ट्रीय बजट के साथ किसानों के लिए करेंगे दूसरा बजट पेश• चुनावी माहौल में ट्विंकल खन्ना ने ली अरविंद केजरीवाल पर चुटकी• बाटला हाउस का जिक्र कर पीएम मोदी ने सादा कांग्रेस पर निशाना • यूएई में आज पहले हिंदू मंदिर का शिलान्यास समारोह• रेल हादसा: कानपुर के पास पूर्वा एक्सप्रेस पटरी से उतरी 100 के करीब लोग घायल • लोकसभा चुनाव 2019: बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुलायम के बाद अब आजम खां को दिया समर्थन • विराट सेना' का आज कोलकाता से 'करो या मरो' का मुकाबला• कलंक' स्टार वरुण धवन ने कहा, मुझे असफलता से डर नहीं लगता• सूडान में कैदियों की रिहाई और कर्फ्यू समाप्‍त होने पर अमेरिका ने कि प्रशंसा• 24 साल बाद एक मंच पर दिखें माया-मुलायम• रूस के वैज्ञानिकों का दावा 42 हजार साल पहले दफन घोड़े में मिला खून, अब बनाएंगे क्‍लोन • दिनोंदिन आलिया भट्ट और रणबीर कपूर का मजबूत होता रिश्‍ता रह सकते है लिव-इन पर • पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दौरान बीजेपी-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा • लीबिया की राजधानी त्रिपोली में गृहयुद्ध की जंग में 205 की मौत, 913 के करीब घायल


फर्रुखाबादः जब दूसरे शहरों में दिन में जिला आपूर्ति कार्यालय खुलता है तो यहां यह दफ्तर रात में खुलता है। पिछले तीन सालों से यूनिटों की कटिंग और आधार कार्डों के आनलाइन के नाम पर गरीब- गुरबों और विधवाओं को परेशान करने वाला जिला पूर्ति अधिकारी का दफ्तर राशन कार्डों का साफ सुथरा हिसाब नहीं बना पाया है।

ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा कौन सा काम है जो रात के अंधेरे में निपटाया जाता है। कलक्ट्रेट से दफ्तर के पोस्टमार्टम हाउस परिसर शिफ्ट होने के बाद पूरी तरह से आज़ाद हो चुके जिला पूर्ति अधिकारी पर किसी की नकेल नहीं है।

रात 11 बजे जिला पूर्ति अधिकारी का कार्यालय खुला मिला है। बाहर अवैध असलहों से लैस युवक पहरा दे रहे थे और अन्दर गोरख धंधा जारी था।

पोस्ट मार्टम हाउस के परिसर में चलने वाला यह फर्रुखाबाद जिला पूर्ति अधिकारी का दफ्तर है जिस पर रात में तो दूर दिन में किसी की नजर नहीं रहती। केवल यूनिट कटिंग और आधार कार्ड फीडिंग के नाम पर परेशान की जा रही महिलाएं ढूंढ़ते- ढूंढ़ते यहां आती हैं और कई दिन दौड़ कर फिर किसी क्लिक का झंझट न झेलने के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं।

यही दफ्तर बीती रात फिर खुला मिला है। ऐसा भी नहीं  था कि घंटे- दो घंटे का काम पिछड़ जाने पर अतिरिक्त काम करने के लिए दफ्तर खोल लिया गया हो, ऐसा भी नहीं था कि पीएम- सीएम के दौरे को लेकर कोई फाइलें सुसज्जित की जा रही हों। स्टाफ को रात के लिए रोका गया था, उससे काम भी नहीं लिया जा रहा था।

उसमें से आधा दर्जन युवा कर्मचारी अवैध असलहों से लैस होकर दफ्तर के बाहर पहरा दे रहे थे। दफ्तर से सभी से परिचित होने के बावजूद अंदर जाना खतरे से खाली नहीं था। अब देखने वाली बात यही होगी कि पिछले दिनों घोटाले की सैकड़ों फाइलों को आग के हवाले किये जाने के बाद भी चेहरा चिकना किये घूम रहे जिला पूर्ति अधिकारी पर क्या प्रशासन कोई कार्रवाई करता है या फिर यहां मनमानी करने देने के लिए आँखें घुमा लेता है।

संबंधित समाचार

:
:
: