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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बड़ा खाद्यान्न घोटाला सामने आया है। खाद्यान्न माफियाओं ने मिलीभगत कर गरीबों के पेट में जाने वाला करोड़ों का निवाला बेच कर अपनी तिजोरियों में भर लिया। जनपद स्तर से लेकर लखनऊ तक खाद्य विभाग के अधिकारी गहरी नींद में सोते रहे। 

कई जिलों में यह घोटाला सामने आया है। इनमें मुजफ्फरनगर भी शामिल है। जांच में पाया गया कि मुजफ्फरनगर में अभी तक 64 आधार कार्ड चिन्हित किए गए हैं जो 19000 राशन कार्डों में इस्तेमाल किए गए हैं। जिनको लेकर मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।

43 जिले ऐसे बताए जा रहे हैं जहां गड़बड़ी मिली है। अनाज माफियाओं ने हैकरों से मिलीभगत कर आधार कार्ड हैक कर उनके राशनकार्डों में हेराफेरी के जरिए करोड़ों रुपए का गरीबों का निवाला हड़प लिया।

इन जिलों में लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद नोएडा शामिल है। कई जिलों में आरोपियों के खिलाफ जांच कर मुकदमा दर्ज कराने की बात सामने आ रही है। जनपद मुजफ्फरनगर की अगर बात करें तो यहां 64 आधार कार्ड नंबर सामने आए हैं जिन्हें लगभग 19000 राशन कार्डो में इस्तेमाल करके गरीबों के हक पर डाका डाला गया है।

इसके साथ ही सरकार को करोड़ों का चूना लगाया गया है। पिछले कई माह से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में माफियाओं द्वारा सेंध लगाकर गरीबों का माल डकारा जा रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी की नींद सोते रहे। मामले का खुलासा हुआ तो यूपी सरकार के अधिकारियों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। आनन फानन में मामले की जांच कराई गई तो बड़ा घोटाला खुलकर सामने आया। 

 पुलिस हैकरों की तलाश में जुट गई है इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि किस आधार कार्ड को कितने कितने और किस राशन कार्डों में इस्तेमाल किया जा रहा है। किस राशन डीलर पर कितना खाद्यान्न अवैध रूप से किया जाता रहा है घोटाला खुलने के बाद राशन डीलरों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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