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इलाहाबादः शहर में बारिश की वजह से हुए सड़क हादसे के बाद सरकारी अमले की लापरवाही ने ट्रक ड्राइवर की जान ले ली। तेज बारिश की वजह से हुए सड़क हादसे में दो ट्रक आपस में टकरा गए।

हादसे में एक ट्रक का क्लीनर और उसमे सवार दो सवारियों समेत बगल से जा रहा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जबकि उसी ट्रक का ड्राइवर ज़ख़्मी होने के बाद केबिन में ही फंस गया। पड़ोस के लोगों और राहगीरों ने ज़ख़्मी ट्रक ड्राइवर को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।

कई बार खबर दिए जाने के बावजूद पुलिस की टीम गैस कटर और क्रेन के साथ ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची, तब जाकर ड्राइवर को निकाला जा सका। केबिन में फंसे ड्राइवर को तकरीबन तीन घंटे बाद निकालकर उसे अस्पताल भेजा गया, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के चलते रास्ते में ही उसकी सांस थम गई।

केबिन में फंसे ट्रक ड्राइवर को निकालने में न तो एक्सपर्ट्स मौके पर बुलाए जा सके और न ही एम्बुलेंस व डॉक्टर्स। बताया जाता है कि 108 एंबुलेंस को फोन किया गया था लेकिन वह नहीं पहुंची।

यह हादसा शहर से तीस किलोमीटर दूर नवाबगंज इलाके में सुबह करीब नौ बजे हुआ। उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। एक बाइक सवार की गलती से सामने से आ रहे दो ट्रक आपस में टकरा गए। दोनों ट्रकों की रफ़्तार ज़्यादा होने और आमने सामने की टक्कर से एक ट्रक में सवार चारों लोग गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए।

पड़ोस के लोगों व राहगीरों ने बाकी लोगों को किसी तरह निकालकर उन्हें अस्पताल भेज दिया, लेकिन चंदन नाम का ड्राइवर अपनी सीट पर ही इस तरह फंस गया कि उसे निकाला नहीं जा सका। कुछ देर बाद मौके पर कुछ पुलिसवाले पहुंचे भी लेकिन वे भी नाकाम रहे।

बाद में क्रेन और गैस कटर के साथ पहुंची टीम की मदद से ज़ख़्मी चंदन को निकाला गया। उसे एम्बुलेंस के बजाय पुलिस वैन से शहर के अस्पताल भेजा गया। इस मामले में अगर सरकारी अमले में लापरवाही न बरती होती और वक्त रहते राहत व बचाव का काम शुरू कर दिया होता तो ज़ख़्मी होने के बाद केबिन में फंसे ट्रक ड्राइवर को बचाया जा सकता था।     

 

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