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बस्तीः जिले में रेलवे विभाग में एक अजब गजब मामला सामने आया है। जिसे सुन कर आप दांतो तले उंगली दबा लेंगे। 1400 किलोमीटर की दूरी तय करने में मालगाड़ी के एक वैगन को 3.5 साल का सफर करना पड़ा। विशाखापटनम से चला मालगाड़ी का एक वैगन साढ़े तीन साल बाद बस्ती पहुंचा।

जब वैगन को चेक किया गया तो पता चला की 2014 में यह वैगन विशाखापटनम से बुक किया गया था। 3.5 साल बाद वैगन के पहुंचने पर रेल अधिकारी आश्चर्य चकित रह गए।

आप को बता दें इण्डियन पोटास कम्पनी ने यह खाद लगा वैगन नम्बर 107462 विशाखापटनम पोर्ट से मेसर्स रामचन्द्र गुप्ता बस्ती की दुकान के लिए बुक किया था। वैगन बुक करने के बाद जब कई महीना बीत गया और खाद नहीं पहुंची तो रेलवे को दर्जनों पत्र लिखा गया,बावजूद इस के 3.5 साल में रेलवे लापता वैगन को नई ढूंढ पाया।

3.5 साल से खाद लदा वैगन पूरे देश में इधर से उधर घूमता रहा। सैकड़ों स्टेशनों से गुजरने के वादजूद रेलवे विभाग अपने गायब हुए इस वैगन को नहीं ढूंढ पाया। 3.5 साल तक लाखों की खाद वैगन में इधर से उधर घूमती रही, जिससे खाद भी खराब हो चुकी है,फिलहाल खाद को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर उतार दिया गया है।

खाद खराब होने की वजह से उस को दुकानदार नहीं ले जा रहा है। खाद के मालिक का कहना है की ये रेलवे की बड़ी गलती है, जो रैक 2014 में बुक कराई गई वह 3.5 साल बाद अब आ रही है। वैगन के मिसिंग होने पर रेलवे को रिमाइंडर दिया गया था। बावजूद इस के रेल्वे 3.5 साल तक वैगन का पता नहीं लगा पाई।

और अब साढ़े तीन साल बाद वैगन विशाखापटनम से चल कर बस्ती पहुंचा है। माल की कीमत लगभग 10 लाख रुपए है। रेलवे से असिस्मेंट बेसिस पर माल को लिया जाएगा।

 

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