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मंगलवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए हैं। दिन का कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 464 अंकों की तेजी के साथ 36,318 पर और निफ्टी 149 अंकों की तेजी के साथ 10,886 पर कारोबार कर बंद हुआ है। वहीं निफ्टी 50 में शुमार 50 शेयर्स में से 46 हरे और 4 लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। वहीं अगर इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी का मिडकैप 0.54 फीसद की तेजी और स्मॉलकैप 0.91 फीसद की तेजी के साथ कारोबार कर बंद हुआ है।

वाराणसी. लखनऊ में विवेक तिवारी की हत्या के बाद यूपी पुलिस पर कई सवाल उठ रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बच्चों ने एक अलग अंदाज में अपील करते हुए अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं । इसके लिए बाकायदा बच्चों की तरफ से अपने पेरेंट्स को एक पोस्टर तैयार करके दिया गया है जिसमें साफ-साफ लिखा है कि पुलिस अंकल के रोकने पर गाड़ी तो रुक जाएगी लेकिन प्लीज पुलिस अंकल गोली मत मारिएगा।  

-बच्चों के इस संदेश को लेकर स्थानीय निवासीयों की माने तो आज बच्चों असुरक्षा के भावना में माता- पिता को यह पोस्टर दे रहे हैं। 

-इस पोस्टर पर लिखे संदेश से यह साफ समझ आ रहा है कि पुलिस का रवैय्या अंकुश वाला है।

-  बच्चों के प्रति असुरक्षा को लेकर जो भावना हैं सरकार के प्रति रोष है। 

हाथरसः एक सम्मेलन में भाग लेने आये प्रदेश कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पर्टी ने जनता का पैसा अपनों में बांटा था। अपने कार्यकर्ताओं को साइकिले रेवड़ी की तरह बांटी थी। श्रमिकों के पैसों का दुरुपयोग किया था।

उस दुरुपयोग को खत्म करके हम एक दर्जन से अधिक नई योजना लाए हैं। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ की चाहत के अनुरुप गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया जा रहा है।  

हाथरस में लक्खी मेला दाऊजी महाराज में आयोजित सविता समाज उत्थान समिति द्वारा आयोजित सेन नन्द समाज के महासम्मेलन में भाग लेने आये उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मन्त्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने जल्द ही सविता समाज से किसी न किसी को सरकार में उच्च पद और  हिस्सेदारी दिलाने का वादा किया।

इस मौके बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि सिर्फ भाजपा सरकार ने डॉ भीमराव अम्बेडकर व पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को पूरा किया है।

देश के सर्वोच पद राष्ट्रपति पर रामनाथ गोविन्द दलित और दूसरे सबसे बड़े पद पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी पिछडे़ को बिठाया है। 

समाजवादी पार्टी के साथ अन्य पार्टियों की कार्यशैली पर भी वार करते हुए इन लोगों ने मजदूर गरीबों का पैसा व साइकिल अपने कार्यकर्ताओं में ही बांटा है। मस्जिद में नमाज को गैरजरूरी बताने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने को कहा।

मौर्य ने लखनऊ में हुई हत्या के सवाल पर किनारा करते हुए सिर्फ इतना कहा कि जांच चल रही है। जांच में सबकुछ सामने आ जाएगा। 

 

संभलः लूट के मुकदमे से नाम निकलवाने के लिए पुलिस को 4 लाख रुपए देने थाने पहुंचे लुटेरे का मंसूबा पूरा नहीं हो पाया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 4 लाख की नगदी की जब्त ली।

संभल में खाकी की इमानदारी सामने आई है। संभल की पुलिस ने लूट के मामले में दर्ज केस से नाम निकलवाने के लिए 4 लाख रुपए की रिश्वत देने पहुंचे लूट के आरोपी को गिरफतार कर लिया।

थाना इंचार्ज ने रिश्वत देने पहुंचे लुटेरे को पहले बातों में उलझाया और जब उसने अपने मंसूबे को साफ किया तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से रुपए भी जब्त कर लिए। पुलिस ने लूट के आरोपी से लूटी हुई 28 मूर्तियां भी बरामद की हैं।

दरअसल मामला संभल जनपद के रजपुरा थाना क्षेत्र का है। थाना इंचार्ज प्रवीण सोलंकी थाने में बैठे हुए थे। इसी दौरान 12 जुलाई को लाखों की कीमत की पीतल की मूर्तियों की लूट का आरोपी मोमिन नोटों से भरा हुआ एक थैला लेकर पहुंचा।

उसने थाना प्रभारी प्रवीण सोलकी से कहने लगा कि मूर्तियों की लूट के मामले में दर्ज मुकदमे में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया है तो आप भी 4 लाख रुपए लेकर लूट के केस से मेरा नाम निकाल दीजिए।

आरोपी ने यह कहकर थाना प्रभारी को थैले में रखा 4 लाख रुपए देने की कोशिश करने लगा जिस पर थाना प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने मोमिन को गिरफ्तार कर लिया। 

वहीं पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर आरोपी से लूटी हुई 28 पीतल की मूर्तियां भी बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

रायबरेली: सरकार प्रदेश भर में वृद्ध व निराश्रित लोगों की देखभाल करने के लिये करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। विश्व बैंक से लेकर तमाम ऑर्गनाइजेशन अलग अलग योजना चलाकर उनके हित की बात कर रहे हैं। मगर इसके उलट जमीनी स्तर पर इसकी हकीकत कुछ और ही है।

आंख मूंद कर काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी जीवित को मृत बताकर उसकी पेंशन बन्द कर दे रहे हैं। आफिस में बैठे बैठे ही असहाय विधवा वृद्धा को कागजों पर मार डालने वाले इन अधिकारियों की मानवता दर दर की ठोकरें खा रही बूढ़ी नम आंखों को देख कर भी नहीं जागी।

दरअसल, कागजों में वो दो साल पहले ही मर चुकी है। सामने आने पर भी सरकारी बाबू इन्हें जीवित मानने को तैयार नहीं है। ये हम नही खुद सरकारी कागज बता रहे हैं। इनका नाम भगवत देइ है। और यह जिले की डलमऊ तहसील क्षेत्र के मुरैठी गांव को रहने वाली हैं।

कुछ समय पहले इनके पति की मृत्यु हो गयी थी तो इनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। इनको सरकार की तरफ से विधवा पेंशन मिलने लगी तो इनको लगा कि इनका वृद्धा अवस्था मे किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ेंगे। मगर जिले के अधिकारियों ने ऐसी कलम चलाई कि अभिलेखों में भगवत देइ को जीते जी मार दिया गया।

वृद्धा भगवत देइ की माने तो लगभग दो वर्ष पूर्व उनके घर मे ब्लाक से सेक्रेटरी साहब कोई सर्वे करने आये और उनसे दस्तखत करवाये थे। तभी से उनकी पेंशन आना बंद हो गयी।

अब जब वह ब्लाक व तहसील से लेकर जिले के आलाधिकारियों के चक्कर लगाती हैं तो उनको यह कह कर वापस कर दिया जाता है कि आप तो मर चुकी हैं इसलिए आप की पेंशन बन्द कर दी गयी है। अब बेचारी वृद्धा को जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों के सामने खुद के जिंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है और अधिकारी है कि मानते ही नहीं।

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