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मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स स्थित अवैध खदान से मजदूरों को निकालने के लिए लगातार ऑपरेशन जारी है। गुरुवार को 200 फीट नीचे से नेवी की टीम ने एक शव को बाहर निकाला। खदान में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। खदान से अब तक एक करोड़ लीटर से ज्यादा पानी निकाला जा चुका है। प्लानिज टेक्नोलॉजी की वेबसाइट के मुताबिक, यह कंपनी आईआईटी मद्रास द्वारा पोषित कंपनी है। कंपनी नेवी के साथ रेस्क्यू में जुटी है। 13 दिसंबर को मजदूर खदान में थे। इसी दौरान पास में बहने वाली लैटीन नदी का पानी इसमें भर गया था, जिसके चलते मजदूर इसमें फंस गए थे।

वर्ल्‍ड बैंक के मुख्‍य दावेदारों में पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूई का नाम भी शामिल है। वाइट हाउस प्रशासन के एक अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अधिकारी डेविड मालपास और ओवरसीज प्राइवेट इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ रे वॉशबर्न का नाम भी आगे है। कुछ लोगों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वबैंक प्रमुख के चयन की प्रक्रिया अभी प्राथमिक चरण में है। कई बार ऐसा होता है कि ऐसे अहम पदों के लिए नामांकन पर अंतिम निर्णय होने तक शुरुआती दावेदार दौड़ से बाहर हो जाते हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा नामित किए जाने पर नूयी अपने नामांकन को स्वीकार करेंगी या नहीं।

बहराइचः  जिले के नवाबगंज इलाके में अपनी भांजी से मिलने गए मामा पर गंभीर आरोप लगा कर दोनों को पेड़ से बांध दिया। फिर उन दोनों की जमकर पिटाई की गई। इस तालिबानी सजा के बारे पूरे इलाके में लोग बोलने को तैयार नहीं है। 

सार्वजनिक रूप से महिला की इज्जत को तार तार करने वाले कोई और नहीं, बल्कि उसके अपनी ही ससुराल के पड़ोसी और ग्रामीण थे। साजिश के तहत मामा भांजी को कमरे में बंद कर पूरे मामले को तूल दिया गया।

शादी के बाद भांजी का हाल चाल लेने मामा उसकी ससुराल आया था। मामा और भांजी को दी गई तालिबानी सजा के मामले में इलाकाई पुलिस ने पीड़ित महिला के पति की तहरीर पर 4 लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। हालांकि पुलिस पूरे मामले को दबाने में जुटी है।

श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के बडरहवा निवासी युवक शादी के बाद नवाबगंज थाना क्षेत्र निवासी अपनी भांजी का हाल चाल लेने आया था।

मामा ने अपना मोबाइल को चार्जिंग के लिए भांजी के कमरे में  लगा दिया था। देर शाम सोने से पहले वह अपना मोबाइल लेने भांजी के कमरे में गया था।

इसी दौरान कुछ लोगों ने दरवाजा बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी। और भीड़ इकट्ठा कर दोनों मामा भांजी पर घिनौने आरोप लगाए। बाद में दोनों को पेड़ से बांध दिया और इसके बाद दोनों की बुरी तरह पिटाई की गई।

पहले महिला व उसके मामा को बेइज्जत किया गया गया फिर दोनों की पिटाई की गई। घटना की जानकारी पीड़ित महिला के पति को लगी तो उसने इसकी शिकायत पुलिस से की इसके बाद सभी मौके से फरार हो गए। 

इस पूरी घटना को लड़की के चचिया ससुर ने अंजाम दिया। यह पूरी डर्टी हरकत इसी के इशारे पर हुई है। पेड़ से बांध रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस दिल दहला देने की घटना से महिला को झकझोर दिया है।

वहीं रिश्तों की मर्यादा को समझ कर पति ने सच का साथ दिया और तालिबानी हरकत को अंजाम देने वालो के खिलाफ पुलिस को नामजद तहरीर दी है। पुलिस इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

नई दिल्लीः इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में आए ताकतवर भूकंप और उसके बाद आई सुनामी से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खबरों के अनुसार अबतक मृतकों की संख्या बढ़कर 832 हो गई है।

इंडोनेशिया की सरकारी मीडिया ने हालांकि मृतकों की संख्या 420 बताई है। सबसे ज्यादा प्रभावित पालू शहर में राहत और बचाव कर्मियों के पहुंचने का सिलसिला अभी भी जारी है।

 

इस आपदा में जिंदा बचे लोग मृतकों के शव बरामद करने में अधिकारियों की मदद कर रहे हैं।

सुलावेसी द्वीप पर घूमने आए कुछ विदेशी नागरिक लापता हैं। लापता विदेशी नागरिकों में एक फ्रेंच, एक साउथ कोरिया और कुछ दूसरे देशों के नागरिक हैं। लोगों को घरों से निकालने और राहत कार्य अंजाम देने में काफी मुश्किलें आ रही हैं। 

इससे पहले इंडोनेशिया की सरकारी न्यूज एजेंसी ’अंतारा’ ने राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रमुख के हवाले से पालू में मारे गए लोगों का ताजा आंकड़ा 420 बताया था।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में पांच-पांच फुट ऊंची उठी लहरों की चपेट में आए हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। सुदूर इलाकों से नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं।

सरकारी प्रेस एजेंसी ने बताया कि कम से कम 540 लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं। अस्पतालों को बड़ी संख्या में भर्ती किए जा रहे घायलों के इलाज में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कहा कि क्षेत्र में सेना को बुलाया गया है ताकि वह पीड़ितों तक पहुंचने और शवों को तलाशने में खोज और बचाव टीमों की मदद कर सके।

 

बलरामपुरः यहां पुलिस के उत्पीड़न से एक पूरा गांव दहशत में है। पुलिस के आतंक से गांव के पुरुष सदस्य गांव छोड़कर फरार हो गये हैं। महराजगंज तराई थानाक्षेत्र के साहिबपुर गांव में एक पुलिसकर्मी के घायल होने के बाद पुलिस का तांडव देखने को मिल रहा है। 

कहावत है कि खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे। अपने ही करतूत से खिसियाई बलरामपुर पुलिस के निशाने पर अब ग्रामीण है।

महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के साहिबपुर में लड़की भगाने के आरोप में दो पक्षां में कई दिनों से तनातनी चल रही थी। इस मामले में पुलिस की भूमिका शुरु से ही संदिग्ध नजर आ रही थी।

पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने के आरोप भी लगने लगे। इसी मामले को लेकर 25 सितम्बर को दोनों पक्षों में विवाद शुरु हुआ। सूचना पर पुलिस कर्मचारी बिना वर्दी के पहुंच गये। मारपीट में पुलिस का एक सिपाही भी घायल हो गया। इसके बाद शुरु हुआ पुलिस का तांडव।

पुलिस ने गांव में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। गांव के कई पुरुष सदस्य को पुलिस थाने ले गई तो कई सदस्य डर के कारण गांव छोडकर चले गये। पुलिस के गुस्से का शिकार महिलाएं भी बनीं। पुलिस कर्मियों ने महिलाओ की भी जमकर पिटाई की।  

पीड़िता गिरिराज कुमारी का आरोप है कि गांव के दबंग उसकी लड़की को भगाकर ले गये थे। पुलिस भी उन्ही दबंगों का साथ देती रही जिसके कारण दबंग उनके परिवार को ताने मारने लगे थे। इसी को लेकर दोनो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस कर्मी के घायल होने के बाद गिरिराज के बेटे की तलाश में पुलिस अपना तांडव दिखा रही है।  

 

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