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बलरामपुरः यहां पुलिस के उत्पीड़न से एक पूरा गांव दहशत में है। पुलिस के आतंक से गांव के पुरुष सदस्य गांव छोड़कर फरार हो गये हैं। महराजगंज तराई थानाक्षेत्र के साहिबपुर गांव में एक पुलिसकर्मी के घायल होने के बाद पुलिस का तांडव देखने को मिल रहा है। 

कहावत है कि खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे। अपने ही करतूत से खिसियाई बलरामपुर पुलिस के निशाने पर अब ग्रामीण है।

महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के साहिबपुर में लड़की भगाने के आरोप में दो पक्षां में कई दिनों से तनातनी चल रही थी। इस मामले में पुलिस की भूमिका शुरु से ही संदिग्ध नजर आ रही थी।

पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई करने के आरोप भी लगने लगे। इसी मामले को लेकर 25 सितम्बर को दोनों पक्षों में विवाद शुरु हुआ। सूचना पर पुलिस कर्मचारी बिना वर्दी के पहुंच गये। मारपीट में पुलिस का एक सिपाही भी घायल हो गया। इसके बाद शुरु हुआ पुलिस का तांडव।

पुलिस ने गांव में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। गांव के कई पुरुष सदस्य को पुलिस थाने ले गई तो कई सदस्य डर के कारण गांव छोडकर चले गये। पुलिस के गुस्से का शिकार महिलाएं भी बनीं। पुलिस कर्मियों ने महिलाओ की भी जमकर पिटाई की।  

पीड़िता गिरिराज कुमारी का आरोप है कि गांव के दबंग उसकी लड़की को भगाकर ले गये थे। पुलिस भी उन्ही दबंगों का साथ देती रही जिसके कारण दबंग उनके परिवार को ताने मारने लगे थे। इसी को लेकर दोनो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस कर्मी के घायल होने के बाद गिरिराज के बेटे की तलाश में पुलिस अपना तांडव दिखा रही है।  

 

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