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 नई दिल्लीः पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान द्वारा घोषित शपथ-ग्रहण की तारीख बेहद करीब है, लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने पर अभी भी संकट के बादल छाए हैं।

दरअसल, इमरान खान चुनाव प्रचार के दौरान अनुचित भाषा का इस्तेमाल करने पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान चुनाव आयोग यदि उन्हें दोषी ठहराता है तो उन्हें सभी सीटों से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

हालांकि, उनकी बड़ी सफलता और मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए ऐसी संभावना है कि उन्हें केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा।

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने इमरान खान को नेशनल असेंबली के सदस्य की शपथ लेने की अनुमति भी शर्तों के साथ दी है। आयोग ने दो सीटों से उनकी जीत को स्थगित कर दिया है और तीन अन्य सीटों से उन्हें विजयी घोषित किया है। बता दें कि इमरान खान ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की है।

फिलहाल, इमरान खान को नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में तीन सीटों में से एक से शपथ लेने की अनुमति मिल गई है। अब उनकी सदस्यता आचार संहिता उल्लंघन के लंबित मामले में चुनाव आयोग के फैसले पर निर्भर करेगी। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इमरान खान की पार्टी ने पाकिस्तान के आम चुनाव में सबसे ज्यादा 115 सीटें जीती हैं। हालांकि, उन्हें सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं मिल पाया है, लेकिन इमरान ने छोटे दलों और निर्दलियों विजयी प्रत्याशियों के सहयोग से सरकार बनाने का दावा किया है और 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का ऐलान किया है।

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