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नई दिल्लीः चीन में भी पीएम नरेंद्र मोदी के आगमन का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। 8 महीने पहले चीनी मीडिया भारत को जंग की धमकी दे रही थी, आज बीजिंग पीएम मोदी के लिए लाल कालीन बिछा रहा है। इस बार पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दस-बीस साल नहीं बल्कि अगले सौ साल के रिश्ते का खाका खींच सकते हैं।

प्रोटोकाल को तोड़ते हुए वुहान में एक अभूतपूर्व अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की तैयारी की जा रही है, जैसा कि अब बेहतर ताकतवर बन चुके राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले किसी विदेशी नेता के लिए नहीं किया था। वह पहली बार इस तरह के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं, इसलिए सबको इससे काफी उम्मीदें हैं।

चीनी मीडिया में पहले पेज पर इस बारे में जमकर खबरें चल रही हैं और मोदी के वुहान दौरे की तुलना राजीव गांधी के 1988 के दौरे से की जा रही है।

भारतीय मामलों से जुड़े चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने यह संकेत दिया कि अब चीन आखिर क्यों मोदी के इतना करीब आ रहा है। भारत में 2019 में आम चुनाव हैं, लेकिन चीन को लगता है कि 2019 के बाद भी नरेंद्र मोदी भारत के पीएम रहेंगे। शुआनयू कहते हैं, श्शी और मोदी दोनों के पास सामरिक दृष्ट‍ि और ऐतिहासिक जिम्मेदारी है। दोनों को अपनी जनता का व्यापक समर्थन हासिल है और वे इस रिश्ते को काफी महत्व दे रहे हैं।

 

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