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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं । लेकिन उनकी इस यात्रा में बाधाएं थमने का नाम नहीं ले रही है । अमेरिका में पाक पीएम को लगातार अपमान सहना पड़ रहा है । पहले तो उनके स्वागत के लिए कोई एयरपोर्ट नहीं आया । इमरान को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा कर होटल तक जाना पड़ा और अब उनके भाषण के दौरान हंगाम हुआ है ।

रविवार को इमरान ने पाकिस्तानी मूल के लोगों को एक इंडोर स्टेडियम में संबोधित किया । कार्यक्रम के बीच में कुछ बलूच कार्यकर्ताओ ने हंगामा शुरू कर दिया । उन्होंने कार्यक्रम के बीच में ही पकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी । इस दौरान बलोच कार्यकर्ताओं ने बलूचिस्तान की आजादी के नारे भी लगाए । इस पर सुरक्षाबलों ने उन्हें बाहर कर दिया । नारेबाजी के दौरान भी इमरान ने अपना भाषण नहीं रोका । वहीं स्पीच में इमरान ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को किसी भी तरह की सुविधा नहीं की जाएगी। उन्हें एक अपराधी की तरह ही वहां रहना होगा।

अमेरिका में कई बलोच कार्यकर्ता रह रहे हैं । वे पाक आर्मी द्वारा उन पर ढाए अत्याचारों का मुद्दा उठाते रहते हैं । बीते दो दिनों से बलोच कार्यकर्ता तख्तियां लेकर ट्रम्प से अपील कर रहे हैं कि वे इमरान के साथ मुलाकात में गायब हो रहे बलूचिस्तान के लोगों का मुद्दा उठाएं ।

 

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के चयनकर्ता रहे इंजमाम उल हक ने दो दिन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । पाकिस्तानी टीम के वर्ल्ड कप 2019 में खराब प्रदर्शन के बाद उन्होने यह फैसला लिया । तीन साल तक इंजमाम पाक टीम के मुख्य चयनकर्ता बने रहे । इन तीन सालों में टीम की स्थिति में कुछ खास सुधार तो नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था के बाद भी इंजमाम मालामाल होते रहे । 3 साल तक इस पद पर रहने के दौरान उन्‍हें 6 करोड़ रुपये पाकिस्‍तानी रुपये का भुगतान किया गया । पाकिस्‍तानी मीडिया के अनुसार, उन्‍हें हर महीने 12 लाख रुपये का वेतन और भत्‍ते मिलते थे ।

इंजमाम ने अप्रैल 2016 में मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था । विश्व कप 2019 को देखते हुए पीसीबी ने उनके कार्यकाल को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया था । टीम के किसी सीरीज को जीतने पर उन्हें मिलने वाले मेहनताने का 25 फीसदी और आईसीसी इवेंट में टीम की खिताबी फतह पर मेहनताने का सौ फीसदी मिलता था । चैंपियन्स ट्रॉफी जीतने पर उन्हें भी सरकार से एक करोड़ रुपये मिले थे । इस तरह कुल मिलाकर उन्हें तीन साल में लगभग छह करोड़ रुपये मिले ।

इंजमाम जब पाक टीम के मुख्य चयनकर्ता बने, उस वक्त पाकिस्तानी टीम नंबर एक थी लेकिन, लगातार हार के बाद टीम टेस्ट रैंकिंग में फिसलकर सातवें स्थान तक जा पहुंची । इंजमाम के कार्यकाल के दौरान टीम ने 28 टेस्ट मैच खेले जिसमें से 10 में उसे जीत और 17 में हार मिली और एक टेस्ट ड्रॉ रहा ।

 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि होरमुज की खाड़ी में तैनात उसके युद्धपोत ने गुरुवार को एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया । पिछले कुछ हफतों से शांतिपूर्ण रहे खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है । ट्रम्प ने कहा कि युद्धपोत यूएसएस बॅाक्सर ने ड्रोन के खिलाफ डिफेंसिव ऐक्शन लिया क्योंकि ड्रोन उससे 1000 यार्ड्स (918 मीटर) से भी कम दूरी पर आ गया । ड्रोन से शिप और उसके क्रू की जान का खतरा था । शिप के हमले में ड्रोन पूरी तरह नष्ट हो गया ।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बाद ट्रम्प ने ईरान पर अमेरिका को भडकाने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर किसी जहाज के खिलाफ शत्रुतापूर्ण रवैये का यह सबसे ताजा मामला है । मेरी अपील है कि इस मामले में सभी देश साथ आएं और यात्रा की आजादी का साथ दें ।

 

ट्रंप प्रशासन ने 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की गिरफ्तारी को लेकर पाकिस्तान की मंशा पर शुक्रवार को संदेह जाहिर करते हुए कहा कि पूर्व में हुई उसकी गिरफ्तारी से न तो उसकी और न ही उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर कोई फर्क पड़ा । ट्रम्प प्रशासन के एक अफसर ने शुक्रवार को रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कहा, “हमने पहले भी हाफिज की गिरफ्तारी देखी है। इसलिए इस बार हम दिखावे वाली कार्रवाई की जगह ज्यादा मजबूत कदम उठाना चाहते थे ।”

2008 में मुंबई हमलों के बाद पाक ने हाफिज को हिरासत में लिया था, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय दबावों की वजह से उसे अब तक करीब सात बार गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पर अफसर ने कहा, “हाफिज को पहले भी पकड़ने के बाद छोड़ा जा चुका है। इसलिए इस बार हमारी नजर पाक सरकार के उठाए गए कदमों पर भी है।

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी दौरे से पहले पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से बड़ा झटका मिला है । अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर लेता है तबतक अमेरिका की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद सस्पेंड ही रहेगी ।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को दी जाने वाली हर सुरक्षा सहायता को रोक दिया था । ट्रंप प्रशासन काल के दौरान यह किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पहला उच्चस्तरीय दौरा होगा । अमेरिकी कांग्रेस रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘पाकिस्तान अभी भी आतंकी संगठनों के लिए जन्नत की तरह ही है, पाकिस्तानी सरकार लगातार इनको समर्थन करती रही है । इसी की वजह से पाकिस्तान का पड़ोसियों के साथ झगड़ा भी रहता है ।'

सीआरएस की हालिया रिपोर्ट में सांसदों को बताया गया कि 2011 में खुलासा हुआ था कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन कई वर्षों तक पाकिस्तान की शरण में रहा, जिससे अमेरिकी सरकार को द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा करनी पड़ी ।

सीआरएस अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र एवं द्विपक्षीय शोध शाखा है जो सांसदों के हित के मुद्दों पर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करती है ताकि वे सूचना के आधार पर निर्णय कर सकें । इसकी रिपोर्ट क्षेत्र के विशेषज्ञ तैयार करते हैं और इसे कांग्रेस का आधिकारिक विचार नहीं माना जाता है ।

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