Headline • पूर्व पाक अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी के पास इमरान खान के लिए सावधानी बरतने की सलाह • जम्मू-कश्मीर में सरकार ने अर्धसैनिकों के लिए दी हवाई यात्रा को मंजूरी• अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट पर PM मोदी से की अपील दिल्ली को दे पूर्ण राज्य का दर्जा • भारत और सऊदी अरब ने पुलवामा हमले की कड़ी निंदा की• जयपुर सेंट्रल जेल में मारा गया पाकिस्तानी कैदी• नवजोत सिंह सिद्धू के शो से बाहर होने पर कपिल शर्मा का बयान• तमिलनाडु में भाजपा संग एआईएडीएमके गठबंधन हुआ तय • इमरान खान की भारत को धमकी बिना साबुत किया हमला तो खुला जवाब देंगे• अलीगढ़ हिंदू छात्र वाहिनी कार्यकर्ताओं का धारा 370 को हटाने को लेकर प्रदर्शन• कुलभूषण जाधव मामले की सोमवार से सुनवाई शुरू• उत्तराखंड पुलिस की कश्मीरी छात्रों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान न देने की अपील • पुलवामा एनकाउंटर: मेजर समेत 4 जवान शहीद, 2 आतंकी ढेर• राजस्‍थान का गुर्जर आंदोलन शनिवार को खत्म• पुलवामा आतंकी हमले पर सर्वदलीय बैठक शुरू• PM मोदी का ऐलान: आतंकियों की बहुत बड़ी गलती चुकानी होगी कीमत• गांधीजी के पुतले को गोली मारने वाली हिंदू महासभा सचिव पूजा पांडे को मिली जमानत• कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती विस्फोट 41 सीआरपीएफ जवानों की मौत• राजीव सक्सेना को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में 22 फरवरी तक मिली अंतरिम जमानत • सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल और एलजी विवादों पर अपना फैसला सुनाया• केसरी: अक्षय कुमार अभिनीत ऐतिहासिक ड्रामा का पहला झलक वीडियो रिलीज़ • पीएम मोदी ने हरियाणा में की विकास परियोजनाओं की शुरुआत • राफेल डील को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मोदी सरकार पर जुबानी जंग • मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में SC ने राव के माफ़ी नामे को किया अस्वीकार लगाया 1 लाख का जुर्माना• आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर आंदोलन उग्र • शराब पर राजनीति: त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री पद का इस्तीफा देने की मांग


VHP के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक विष्णु हरि डालमिया का बुधवार को निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के गोल्फ लिंक स्थित अपने आवास पर सुबह 9:38 बजे अंतिम सांस ली। देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाने वाले डालमिया 91 साल के थे। वो लंबे वक्त से बीमार थे और दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती थे. बीती 13 जनवरी को ही उन्हें घर लाया गया था। डालमिया का अंतिम संस्कार बुधवार शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर होगा। वह राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी नेताओं में से एक थे। वह लंबे समय तक मथुरा स्थित भगवान श्रीकृष्ण जन्मस्थान के प्रबंधन्यासी भी रहे।

पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का सिलसिला लगातार फिर से शुरू हो गया है। कच्चे तेल का दाम बढ़ने के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन पेट्रोल और डीजल की दरों में वृद्धि की गई दिल्ली में पेट्रोल का भाव फिर 69 रुपये लीटर से ऊपर चला गया है। पेट्रोल-डीजल के रेट में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन इजाफा हुआ। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 19 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 69.07 रुपए हो गई। मुंबई में रेट 19 पैसे बढ़कर 74.72 रुपए हो गया। मेट्रो शहरों में डीजल की कीमतों में 28 से 30 पैसे तक इजाफा हुआ। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव और डॉलर-रुपए के एक्सचेंज रेट के हिसाब से कीमतें तय करती हैं।

सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े तबके के लिए नौकरियों और शिक्षा में दस फीसदी आरक्षण की व्यवस्था करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई । गैर सरकारी संगठन यूथ फॉर इक्वेलिटी और कौशल कांत मिश्रा ने याचिका में इस विधेयक को निरस्त करने का अनुरोध करते हुए कहा है कि एकमात्र आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता । याचिका में कहा गया है कि इस विधेयक से संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन होता है क्योंकि सिर्फ सामान्य वर्ग तक ही आर्थिक आधार पर आरक्षण सीमित नहीं किया जा सकता है और 50 फीसदी आरक्षण की सीमा लांघी नहीं जा सकती ।

रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड RRB ने ग्रुप डी परीक्षा की आंसर की जारी कर दी है। जिन छात्रों ने यह एग्जाम दिया था वे अब आंसर की चेक कर सकते हैं। आंसर की जारी होने के बाद आपत्ति दर्ज कराने के लिए उम्मीदवारों के पास 6 दिन का समय है। आपत्तियां ऑनलाइन ही दर्ज कराई जा सकती हैं। आंसर की कैंडिडेट आरआरबी की आधिकारी वेबसाइट और रीजनल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। आपत्ति आप 14 जनवरी 2019 से दर्ज करा सकेंगे। प्रतिप्रश्न 50 रुपये के हिसाब से आपको शुल्क भी देना पड़ेगा। अगर आपकी आपत्ति सही पाई जाती है तो शुल्क रीफंड हो जाएगा। ध्यान रहे आपत्ति आप 19 जनवरी 2019 तक ही दर्ज करा सकते हैं। वहीं, भर्ती परीक्षा के परिणाम जनवरी के अंत तक आने की उम्मीद जताई जा रही है।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई है। आज जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, सीजेआई ने स्पष्ट किया कि आज शेड्यूल पर फैसला होगा न कि मामले की सुनवाई होगी। जल्द ही मामले में तब बड़ा मोड़ आ गया, जब 5 सदस्यीय संविधान पीठ में शामिल जस्टिस यू. यू. ललित ने बेंच से खुद को अलग कर लिया। आखिरकार, बेंच ने बिना किसी सुनवाई के इस मामले में 29 जनवरी को अगली तारीख मुकर्रर कर दी। वही इस मामले मे सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह नई बेंच का गठन करेगा। इस बेंच में जस्टिस ललित की जगह किसी और जज को शामिल किया जाएगा।

:
:
: