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नई दिल्ली : महाराष्ट्र  के औरंगाबाद जिले में नगर निगम की बैठक में पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने प्रस्ताव का विरोध करने वाले एआईएमआईएम के पार्षद सैयद मतीन राशिद को एक साल की सजा सुनाई गई है।

उनके खिलाफ पुलिस ने महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज ऑफ स्लमलॉर्ड्स, बुटलेगर्स, ड्रग ओफेंडर्स और डेंजरस पर्सन एक्ट 1981 के तहत मामला दर्ज किया है। पिछले हफ्ते राशिद ने नगर निगम की बैठक में इस प्रस्ताव का विरोध किया था। इसके बाद भाजपा पार्षदों ने उनकी जमकर पिटाई की थी।

किसी तरह पुलिस वालों ने उन्हें बचाया था। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई थी। हालांकि राशिद खुद भाजपा पार्षदों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, लेकिन उन पर आरोप लगाया गया कि वह इस पिटाई के मामले को दो समुदायों के बीच तनाव के लिए कर रहे थे।

मंगलवार को राशिद को इस मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन थोड़ी देर बाद ही सिटी चौक पुलिस स्टेशन की एक टीम हरसुल जेल पहुंची। यहां पर राशिद को पुलिस कस्टडी में रखा गया था। इसके बाद राशिद को एक साल की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

इस मामले में औरंगाबाद के कमिश्नर चिरंजीव प्रसाद ने कहा, उनके खिलाफ जिस तरह के आरोप हैं, उसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। राशिद इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वह पहली बार तब विवादों में आए जब उन्होंने नगर निगम में राष्ट्रगान बजाने का विरोध किया था।

एआईएमआईएम के दूसरे पार्षद सैयद इम्तियाज जलील ने कहा, उनके खिलाफ सिर्फ दो मामले हैं। इसके पीछे पूरी तरह से राजनीति है। हमारी पार्टी ने वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि दी थी। ये हमारा पार्टी का मामला था। 

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